“बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के खिलाफ़ रायपुर से उठी इंसाफ़ और इंसानियत की बुलंद आवाज़”

बांग्लादेश अल्पसंख्यक हिंसा


बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा के खिलाफ़ रायपुर में सामूहिक विरोध, शांति और इंसाफ़ का संदेश

रायपुर।
बांग्लादेश में हाल के दिनों में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदू समाज, के विरुद्ध हो रही हिंसा, मॉब लिंचिंग और धार्मिक स्थलों पर हमलों को लेकर देशभर में चिंता बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में शहर सीरत-उन-नबी कमेटी, रायपुर द्वारा शास्त्री बाजार स्थित एक हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें इन अमानवीय घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की गई।

बैठक की अध्यक्षता कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद सोहेल सेठी ने की। बैठक में मौजूद सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बांग्लादेश अल्पसंख्यक हिंसा न केवल मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, बल्कि यह किसी भी धर्म, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ़ है।


अध्यक्ष मोहम्मद सोहेल सेठी का सशक्त संदेश

अपने अध्यक्षीय संबोधन में मोहम्मद सोहेल सेठी ने स्पष्ट और भावुक शब्दों में कहा—

“भारत का मुस्लिम समाज हमेशा अमन, इंसाफ़ और भाईचारे के उसूलों पर कायम रहा है। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए ज़ुल्म की हम पूरी ताक़त से निंदा करते हैं। मज़लूम चाहे किसी भी धर्म का हो, उसके साथ खड़ा होना हमारा इंसानी फ़र्ज़ है।”

उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत में हिंदू-मुस्लिम समाज कंधे से कंधा मिलाकर शांति और एकता के साथ खड़ा है, और कुछ कट्टरपंथी ताक़तें देश का सौहार्द नहीं बिगाड़ सकतीं।


भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से प्रमुख मांगें

बैठक में सर्वसम्मति से भारत सरकार से निम्न मांगें रखी गईं—

  • बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाया जाए
  • हिंसा के दोषियों और साज़िशकर्ताओं पर तत्काल कार्रवाई हो
  • पीड़ित अल्पसंख्यक परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित किया जाए
  • अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए

नफ़रत नहीं, इंसाफ़ का रास्ता अपनाने की अपील

कमेटी ने यह भी चेतावनी दी कि कुछ शरारती तत्व इन घटनाओं की आड़ में भारत में नफ़रत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कमेटी का साफ़ संदेश था—

  • ज़ुल्म के खिलाफ़ आवाज़ उठाना ज़रूरी है
  • लेकिन नफ़रत फैलाकर इंसाफ़ नहीं पाया जा सकता
  • शांति, संयम और कानून के दायरे में रहकर ही लड़ाई जीती जा सकती है

बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग

इस अहम बैठक में मुस्लिम समाज के कई जिम्मेदार और प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे—

  • मोहम्मद सोहेल सेठी (अध्यक्ष)
  • मोहम्मद सिराज
  • हाजी मोहम्मद अय्यूब पारेख
  • एजाज़ खान
  • यूनुस शेख़
  • फिरोज़ खान
  • नादिर खान
  • हाजी रिज़वान लतीफ़
  • शेख़ शकील
  • अयान सेठी
  • गुड्डा सेठी
  • एवं अन्य गणमान्य नागरिक

देशवासियों के नाम संदेश

अंत में शहर सीरत-उन-नबी कमेटी, रायपुर ने सभी देशवासियों से अपील की कि—

  • अफ़वाहों और भड़काऊ संदेशों से दूर रहें
  • सोशल मीडिया पर संयम और समझदारी बरतें
  • इंसानियत, संवाद और भाईचारे को मज़बूत करें

कमेटी ने दोहराया कि वह हर परिस्थिति में न्याय, मानवाधिकार और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।


— यह जानकारी शहर सीरत-उन-नबी कमेटी, रायपुर के मीडिया प्रभारी शेख़ शकील एवं अब्दुल नादिर ख़ान द्वारा दी गई।

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