महाराष्ट्र के कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने पहलगाम आतंकी हमले पर एक विवादास्पद टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के निर्दोष पर्यटकों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाने की घटनाएं गलत हैं. वडेट्टीवार का तर्क है कि आतंकवादियों के पास यह पूछने का समय नहीं होता कि किसी का धर्म क्या है. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, और इस मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए. उनका मानना है कि घटना को किसी अन्य रूप में पेश करना गलत होगा.
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि पहलगाम की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है. उन्होंने सवाल उठाया कि 200 किलोमीटर की दूरी से आतंकवादी कैसे पहुंच जाते हैं, क्या यह इंटेलिजेंस की विफलता नहीं है. वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि इस गंभीर गलती को स्वीकार करने के बजाय, सरकार का ध्यान इस बात पर है कि धर्म पूछकर हत्या की गई. क्या आतंकवादियों के पास इतना समय होता है कि वे लोगों से धर्म पूछें? उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सुरक्षा चूक पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, न कि मामले को दूसरी दिशा में मोड़ना चाहिए.
देश में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति न हो
विजय वडेट्टीवार ने अपने विवादास्पद बयान के बाद स्पष्टीकरण दिया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछा और कलमा पढ़ने के लिए कहा, जो कि पाकिस्तान की ओर से हमारे देश को धर्म के आधार पर विभाजित करने की एक साजिश है. उन्होंने यह भी कहा कि देश में हिंदू-मुस्लिम राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार को आतंकवादियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, जिसमें वे सरकार के साथ खड़े हैं.