आज से महाराष्ट्र बजट सत्र की शुरुआत, इतिहास में पहली बार बिना नेता प्रतिपक्ष के चलेगा सदन

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार 2.0 का दूसरा बजट (ग्रीष्मकालीन) सत्र सोमवार से मुंबई में शुरू हो रहा है। यह सत्र विधायी कामकाज से ज्यादा अपनी एक विशिष्ट ‘शून्यता’ के लिए चर्चा में है। राज्य के संसदीय इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर होगा जब सत्र के दौरान विधानसभा और विधान परिषद, दोनों ही सदन बिना किसी आधिकारिक ‘नेता प्रतिपक्ष’ के चलेंगे।

सदन में ऐतिहासिक ‘शून्यता’ की इस असाधारण स्थिति के पीछे 2024 के विस चुनाव परिणाम और तकनीकी समीकरण मुख्य कारण हैं। चुनाव में महायुति (भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राकां (अजित पवार) को मिली प्रचंड जीत ने विपक्ष को काफी पीछे धकेल दिया था।

परंपरा के अनुसार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल करने के लिए किसी भी विपक्षी दल के पास सदन की कुल सदस्य संख्या का कम से कम 10 प्रतिशत होना आवश्यक माना जाता है लेकिन विपक्ष का कोई भी घटक दल इस आंकड़े को नहीं छू सका।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि भले ही सदन में हमारा संख्या बल अधिक हो, विपक्ष को चर्चा के लिए भरपूर समय दिया जाएगा। सरकार विपक्ष के हर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चुनने का मामला सरकार का नहीं बल्कि सभापति व अध्यक्ष का विषय है।

उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें से 2 लंबित विधेयक है। मुख्यमंत्री राज्य विधानमंडल के बजट सत्र की पूर्व संध्या पर सह्याद्री अतिथि गृह में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार भी मौजूद थीं।

हालांकि रविवार को आयोजित एमवीए की बैठक में शरद पवार की राकां का कोई नेता नजर नहीं आया। इससे राजनीतिक गलियारों में विपक्षी दलों की एकजुटता को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। फिलहाल विपक्ष ने मुख्यमंत्री की परंपरागत चाय-पार्टी का बहिष्कार करने का फैसला लिया।

विपक्ष ने सरकार को दागी मंत्रियों के इस्तीफे, विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार, किसान आत्महत्या, फसल बीमा योजना, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और महंगी बिजली जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का फैसला किया है। इधर सत्ता पक्ष की ओर से दावा किया गया है कि विपक्ष के हर सवालों का जवाब देने के लिए सरकार तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित विमान हादसे की जांच चल रही है। सीबीआई से भी इसकी जांच कराई जाएगी। वीएसआर कंपनी का ऑडिट किया जा रहा है। जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी। विमान के वाइस रिकार्ड का डेटा हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

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