फाइलेरिया उन्मूलन अभियान
महासमुंद जिले का फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन: राज्य में दूसरा स्थान हासिल
महासमुंद जिले ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 10 से 25 फरवरी तक आयोजित इस विशेष अभियान के तहत, जिले ने निर्धारित लक्ष्य से 98.92% अधिक नागरिकों को एमडीए (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) दवा का सेवन करवा कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। यह अभियान जिले में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतरीन समन्वय का परिणाम है।
महासमुंद जिले की सफलता के आंकड़े:
- कुल लक्ष्य: 10 लाख 42 हजार 760 हितग्राही
- दवा का सेवन करने वाले नागरिक: 10 लाख 32 हजार 588 (98.92% सफलता दर)
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मुताबिक, महासमुंद जिले के विभिन्न विकासखण्डों में इस अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया गया। निम्नलिखित आंकड़े हैं:
- महासमुंद विकासखण्ड: 2 लाख 49 हजार 906 नागरिकों को दवा का सेवन कराया।
- बागबाहरा विकासखण्ड: 2 लाख 31 हजार 348 नागरिकों को दवा दी गई।
- पिथौरा विकासखण्ड: 2 लाख 6 हजार 31 नागरिकों को दवा का वितरण हुआ।
- बसना विकासखण्ड: 1 लाख 66 हजार 755 नागरिकों ने दवा ली।
- सरायपाली विकासखण्ड: 1 लाख 78 हजार 548 नागरिकों को दवा वितरित की गई।
कलेक्टर की सराहना और भविष्य की योजनाएं
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के सभी विभागों, स्वास्थ्य कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिन और स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी इसी उत्साह और प्रतिबद्धता से काम किया जाएगा।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से जुड़ी यह सफलता फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से निजात पाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
- स्वास्थ्य कर्मियों, आम नागरिकों और स्वयंसेवकों का योगदान इस अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण था।
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि जिलेवासियों की मदद से शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का प्रयास जारी रहेगा ताकि फाइलेरिया मुक्त महासमुंद का सपना जल्द साकार हो सके।