केन्द्रीय गीतांजली रोपणीं कापसी: हरियाली का महायज्ञ

भूमिका: प्रकृति से जुड़ने का सुंदर प्रयास
“पेड़ लगाना धरती पर स्वर्ग बसाने जैसा है।”
इसी सोच को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के कापसी क्षेत्र में स्थित केन्द्रीय गीतांजली रोपणीं लगातार हरियाली का एक नया अध्याय लिख रहा है।
यह नर्सरी न केवल पौधे उगाती है, बल्कि मानवता के लिए एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है — कि कैसे समर्पण और मेहनत से बंजर भूमि को भी हरित स्वप्न में बदला जा सकता है।

केन्द्रीय गीतांजली रोपणीं का जन्म और उद्देश्य
स्थापित होने के समय इस रोपणीं के सामने कई चुनौतियाँ थीं — सीमित संसाधन, प्रतिकूल मौसम, और जनजागरूकता की कमी।
परन्तु उपवन मंडलाधिकारी कालसी (पूर्व) श्री हीरे सिंह उईके के नेतृत्व में यह रोपणीं एक मिशन बन गई:
“धरती को हरा-भरा बनाना और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देना।”

12 महीने निरंतर उत्पादन: न थकने वाला कारवाँ
जहाँ अन्य नर्सरियाँ अक्सर मौसम के हिसाब से कार्य करती हैं, वहीं गीतांजली रोपणीं ने मौसम की सीमाओं को तोड़ते हुए हर महीने पौधों का उत्पादन सुनिश्चित किया।
यहां प्रत्येक ऋतु के अनुसार:

गर्मियों में अधिक जल संरक्षण वाले पौधे,

बरसात में तेजी से बढ़ने वाले वृक्ष,

सर्दियों में मध्यम वृद्धि वाले प्रजातियाँ तैयार की जाती हैं।

यह सतत कार्य प्रणाली इस नर्सरी की जान है।

निःशुल्क पौधा वितरण: जन-जन के लिए हरियाली
“हर हाथ में पौधा, हर आंगन में हरियाली” — इस मंत्र के साथ गीतांजली रोपणीं ने सभी नागरिकों को निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
केवल भूमि के दस्तावेज (पट्टा) दिखाकर किसान, विद्यार्थी, संस्थाएं और आम नागरिक यहां से पौधे प्राप्त कर सकते हैं।
यह पहल वनों के संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है।

विशेष झाड़ों का अद्भुत संसार

  1. बस झाड़ (Bash Tree)
    वैज्ञानिक नाम: Butea monosperma
    विशेषताएँ:

सूखा सहनशील

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है

सुंदर नारंगी फूल, मधुमक्खियों के लिए आदर्श

उपयोग:

कृषि भूमि की बाड़बंदी में

औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध

  1. शेकोन झाड़ (Shekon Tree)
    वैज्ञानिक नाम: (स्थानीय नाम, वैज्ञानिक पुष्टि आवश्यक)
    विशेषताएँ:

तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष

मजबूत लकड़ी का स्रोत

उपयोग:

ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों में उपयोगी

पर्यावरणीय संतुलन में योगदान

  1. नींबू झाड़ (Lemon Tree)
    वैज्ञानिक नाम: Citrus limon
    विशेषताएँ:

साल भर फल देने वाला वृक्ष

औषधीय गुणों से भरपूर

उपयोग:

घरेलू उपयोग

आर्थिक आय का स्रोत

  1. जामुन झाड़ (Jamun Tree)
    वैज्ञानिक नाम: Syzygium cumini
    विशेषताएँ:

जीवन शक्ति से भरपूर

मधुमेह नियंत्रण में उपयोगी

उपयोग:

स्वादिष्ट फल

आयुर्वेदिक चिकित्सा में व्यापक उपयोग

  1. आम झाड़ (Mango Tree)
    वैज्ञानिक नाम: Mangifera indica
    विशेषताएँ:

‘फलों का राजा’ कहलाता है

दीर्घायु वृक्ष

उपयोग:

व्यावसायिक खेती में लाभकारी

घरेलू और औद्योगिक उपयोग

  1. कटहल झाड़ (Jackfruit Tree)
    वैज्ञानिक नाम: Artocarpus heterophyllus
    विशेषताएँ:

विशाल फल देने वाला वृक्ष

पौष्टिकता में भरपूर

उपयोग:

खाद्य पदार्थ के रूप में

लकड़ी भी आर्थिक रूप से उपयोगी

पौधों की देखभाल और गुणवत्ता मानक
हर पौधे के लिए:

जैविक खाद का प्रयोग

नियंत्रित सिंचाई व्यवस्था

समय-समय पर रोग नियंत्रण

वैज्ञानिक विधियों से कटिंग और ग्राफ्टिंग

नर्सरी प्रभारी श्री संजीव केमरो के नेतृत्व में पौधों की देखभाल एकदम वैज्ञानिक पद्धति से की जाती है।
उनकी टीम — रूपेश मरकाम और गीता तारम के साथ — दिन-रात श्रम कर, हर पौधे को जीवन का उपहार देती है।

सफलता की कहानियाँ
कहानी 1: बंजर भूमि से बागवानी तक
ग्राम कोटरीपारा के किसान श्री महेंद्र ने 2022 में गीतांजली रोपणीं से 200 नींबू और जामुन के पौधे लिए। आज उनकी भूमि हरियाली से ढकी है, और वह हर वर्ष लाखों रुपये का फल उत्पादन कर रहे हैं।

कहानी 2: बच्चों का वृक्ष मित्र क्लब
कापसी के विद्यालयों में छात्रों ने मिलकर “वृक्ष मित्र क्लब” बनाया, और गीतांजली रोपणीं से प्राप्त पौधों को गांव-गांव रोपा। इससे न केवल हरियाली बढ़ी, बल्कि बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम भी गहरा हुआ।

अधिकारियों का प्रेरणादायक नेतृत्व
हीरे सिंह उईके (उपवन मंडलाधिकारी कालसी (पूर्व)): संकल्प और मार्गदर्शन के प्रतीक

टी. आर. सिन्हा (परिक्षेत्र सहायक): प्रबंधन और निरीक्षण में निष्णात

संजीव केमरो (नर्सरी प्रभारी): पौधशाला की

रूपेश मरकाम और गीता तारम (सहायक प्रभारी): हर कार्य में समर्पित योद्धा

इन सभी के समर्पण ने गीतांजली रोपणीं को न केवल सफल, बल्कि प्रदेश का आदर्श बना दिया है।

भविष्य की योजनाएँ
10 लाख पौधों का वार्षिक लक्ष्य

हर गांव में मिनी रोपणीं की स्थापना

स्कूली बच्चों के साथ वृक्षारोपण अभियान

औषधीय पौधों पर विशेष ध्यान

निष्कर्ष: हरियाली की अमिट छाप
केन्द्रीय गीतांजली रोपणीं कापसी ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब नीयत साफ हो और समर्पण अटूट हो, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं।
यह रोपणीं एक आदर्श, एक प्रेरणा, और एक हरित क्रांति का प्रतीक है।

धरती माँ को हरियाली का उपहार देने वाले इन कर्मवीरों को नमन!

रिपोर्ट: रिंकेश सरकार
चीफ एडिटर

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