सागौन की अवैध कटाई और परिवहन पर बड़ी कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार”

सागौन


बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के सीपत क्षेत्र में सागौन के ईमारती पेड़ों की अवैध कटाई और परिवहन करने वाले गिरोह पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में शिकंजा कसा गया। इस दौरान 16 नग सागौन के लट्ठे, एक आरा मशीन और पिकअप वाहन सहित करीब ढाई लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

घटनाक्रम की प्रमुख जानकारी:

  1. सूचना मिलना: तड़के करीब 3:30 बजे सीपत पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग नवापारा (जेवरा) जंगल में सागौन वृक्ष काटकर उन्हें पिकअप वाहन में भरकर चोरी कर ले जाने की योजना बना रहे हैं।
  2. घेराबंदी: पुलिस टीम और वन विभाग के कर्मचारियों ने तुरंत संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर नवापारा बेरियर के पास घेराबंदी की।
  3. पिकअप वाहन की तलाश: कुछ देर बाद, जंगल से आती हुई एक पिकअप वाहन की लाइट दिखाई दी। उसे रोककर जांच की गई तो वाहन में 16 नग सागौन के लट्ठे पाए गए।
  4. क़ीमत और जब्ती: इन सागौन लट्ठों की अनुमानित क़ीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही, वाहन में एक आरा मशीन और पिकअप वाहन भी जब्त किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके नाम और पते इस प्रकार हैं:

  • रामचंद कुर्रे (41), बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
  • संतोष कुमार (50), बिरगहनी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
  • जय सिंह ओगरे (62), ठरगा बहरा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
  • लिल्लू राम पटेल (56), महुदा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा
  • रघुवीर सिंह मरावी (40), महुदा, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा

एएसपी का बयान

एएसपी मधुलिका सिंह ने इस सफलता पर जानकारी देते हुए बताया कि वनरक्षक को घटना की सूचना मिली थी और पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की, जिसके चलते यह गिरोह पकड़ में आया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।

अवैध सागौन व्यापार पर कड़ी नजर

सागौन के अवैध कटाई और परिवहन की घटनाएं छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में आम हैं, और वन विभाग और पुलिस इन पर कड़ी निगरानी रखते हुए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। इस गिरोह की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट हो गया है कि जंगलों की सुरक्षा को लेकर विभाग गंभीर है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समापन

यह कार्रवाई न केवल सागौन के अवैध व्यापार पर कड़ी चोट है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वन संरक्षण के लिए विभाग पूरी तरह से सजग है। आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाइयों से जंगलों की सुरक्षा और सागौन की अवैध कटाई को रोकने में मदद मिलेगी।

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