वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, कांकेर में अवैध शिकार और तस्करी के आरोप में सात गिरफ्तार

अवैध शिकार कांकेर


कांकेर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सात आरोपी गिरफ्तार, जंगली सुअरों का मांस बरामद

रायपुर, छत्तीसगढ़: कांकेर वनमंडल में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

गोपनीय सूचना पर छापेमारी

8 मार्च 2026 को राज्य स्तरीय उड़नदस्ता को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सूचना मिलते ही कांकेर वन विभाग ने तत्काल एक टीम गठित की और विभिन्न स्थानों पर जांच और घेराबंदी की।

महेंद्र कोड़ोपी के घर पर छापेमारी

जांच के दौरान, महेंद्र कोड़ोपी के घर के पीछे बाड़ी में दो जंगली सुअरों को पैरा जलाकर भुना जा रहा था। एक नर सुअर का वजन 74 किलोग्राम था, जबकि मादा सुअर का वजन 70 किलोग्राम था। पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि इन सुअरों का मांस प्रकाश मंडावी (ग्राम जुनवानी निवासी) से 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा गया था, और इसे वाहन के माध्यम से देवकोंगेरा लाया गया था। मौके से वन विभाग ने जंगली सुअर का मांस और अन्य सामग्री जब्त की।

जीवित जंगली सुअर की तस्करी

इसी दौरान, एक और सूचना पर वन विभाग की टीम ने ग्राम माटवाड़ा (मोदी) के पास घेराबंदी कर पैशन प्रो मोटरसाइकिल (सीजी 19-बी-8847) को रोका। इस वाहन में सवार विष्णु सलाम और कृष्णा कोमरा एक जीवित मादा जंगली सुअर (लगभग 53 किलोग्राम) को चारों पैर और मुंह बांधकर ले जा रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह सुअर भी प्रकाश मंडावी से खरीदा गया था। वन विभाग ने जंगली सुअर को जब्त कर आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया।

जुनवानी में भी छापेमारी

ग्राम जुनवानी में भी वन विभाग की टीम ने छापेमारी की, जहां दो जंगली सुअरों को काटने का मामला सामने आया। मौके से जंगली सुअर के सिर और मांस के अन्य हिस्से बरामद किए गए। इस मामले में भी आरोपियों के खिलाफ वन अपराध दर्ज किया गया।

आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

वन विभाग ने सभी मामलों में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्हें 8 मार्च 2026 को कांकेर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

वन विभाग की कार्रवाई का महत्व

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। कांकेर वनमंडल के वन परिक्षेत्र अधिकारी कांकेर, वन परिक्षेत्र नरहरपुर के अधिकारी-कर्मचारी और मुख्य वन संरक्षक कांकेर के उड़नदस्ता दल की इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका रही।


इस महत्वपूर्ण कार्रवाई से न केवल वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित होगा, बल्कि यह अवैध शिकार और तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश भी भेजेगा।

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