मावली मेला बनेगा विश्व पहचान का केंद्र: मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, संस्कृति से विकास तक का रोडमैप तैयार


मावली मेला


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छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक नारायणपुर का ऐतिहासिक मावली मेला अब नई पहचान की ओर बढ़ने वाला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस मेले के संरक्षण, संवर्धन और परंपरागत स्वरूप को बनाए रखने के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। यह घोषणा उन्होंने नारायणपुर प्रवास के दौरान जनप्रतिनिधियों और समाज प्रमुखों से चर्चा के दौरान की।

🌿 मावली मेला: संस्कृति और आस्था का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा कि मावली मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जिले की सांस्कृतिक आत्मा है। यह मेला पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं, लोककला और सामाजिक एकता का प्रतीक रहा है। ऐसे पुरातन मेलों और मड़ई परंपराओं को बचाना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार द्वारा किए जाने वाले प्रमुख प्रयास:

  • मेले के मूल स्वरूप का संरक्षण
  • स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन
  • आधारभूत सुविधाओं का विकास
  • पर्यटन से जोड़कर पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना

🛡️ नक्सलवाद के खात्मे का संकल्प

मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान नक्सलवाद के संपूर्ण उन्मूलन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि:

  • सुरक्षा बलों की सतत और साहसिक कार्रवाई से नक्सलवाद अंतिम चरण में है
  • केंद्रीय गृहमंत्री ने 31 मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया है
  • यह लक्ष्य अब जमीन पर साकार होता दिख रहा है

🚀 बस्तर का सर्वांगीण विकास: 2030 का विजन

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सातों जिलों के विकास के लिए लगभग सवा लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस विकास रोडमैप में शामिल हैं:

  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
  • पोषण और कौशल विकास
  • सड़कों, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी का विकास
  • माओवादी विचारधारा के खिलाफ सतत संवाद और विकास

🌍 पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

बस्तर संभाग को पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि:

  • धुड़मारास जैसे गांव वैश्विक पहचान बना चुके हैं
  • ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे योजना को बढ़ावा दिया जाएगा
  • अतिरिक्त कमरे निर्माण के लिए ग्रामीणों को आर्थिक सहायता
  • शहरी और ग्रामीण इलाकों में आबादी व नजूल पट्टा देने पर विचार

🌳 पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने बताया कि:

  • जिले का लगभग 44% क्षेत्र वनाच्छादित है
  • बीते वर्ष बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से वनों का रकबा बढ़ा है
  • विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सरकार की नीति है

🤝 जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी

इस अवसर पर कई मंत्री, सांसद, जिला पंचायत प्रतिनिधि, समाज प्रमुख और वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मावली मेला और बस्तर का विकास सामूहिक प्रयास से आगे बढ़ेगा।

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