औषधीय पौधों की खेती
📍 रायपुर से खेती की बदलती तस्वीर
छत्तीसगढ़ में अब किसान केवल धान और गेहूं तक सीमित नहीं रह गए हैं। औषधीय पौधों की खेती तेजी से किसानों के लिए आय का मजबूत विकल्प बनकर उभरी है। कम लागत, कम जोखिम और बाजार में बढ़ती मांग के कारण किसान अब अश्वगंधा, लेमनग्रास, तुलसी, खस और ब्राह्मी जैसी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित किसान मेले में इसका साफ असर देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में किसानों ने इस खेती में रुचि दिखाई।
🌱 औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती को मिल रहा बढ़ावा
छत्तीसगढ़ युवा प्रगतिशील किसान संघ द्वारा कुम्हारी, दुर्ग में 30–31 जनवरी को आयोजित दो दिवसीय किसान मेले में:
- छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा
- एवं औषधि पादप बोर्ड
द्वारा लगाए गए स्टॉल किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने।
स्टॉल के माध्यम से किसानों को:
- शासकीय योजनाओं
- सब्सिडी की जानकारी
- तकनीकी सहायता
- एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों
की विस्तृत जानकारी दी गई।
👨🌾 किसान मेले में पहुंचे बड़े नेता और अधिकारी
इस कार्यक्रम में राज्य और केंद्र स्तर के कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल हैं:
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
- कृषि मंत्री रामविचार नेताम
- वन मंत्री केदार कश्यप
- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
- शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव
- सांसद दुर्ग विजय बघेल
इनकी उपस्थिति से किसानों में उत्साह और विश्वास दोनों बढ़ा।
🌾 लेमनग्रास की खेती बनी किसानों की पहली पसंद
किसान मेले में प्रस्तुत किए गए मिनिएचर मॉडल किसानों के लिए खास आकर्षण रहे, जिनमें शामिल थे:
- 🌊 नदी किनारे रेतीली व अनुपयोगी भूमि पर खस की खेती
- 👩🌾 महिला सशक्तिकरण हेतु घरों की बाड़ी में
- सिंदूरी
- सतावर
- ब्राह्मी का रोपण
- 🌾 धान के साथ लेमनग्रास की कन्वर्जेंस खेती
विशेष रूप से लेमनग्रास की खेती ने किसानों का ध्यान खींचा, क्योंकि इससे कम समय में अच्छी आय संभव है।
🦟 औषधीय पौधे: खेती भी, स्वास्थ्य भी
किसान मेले में बोर्ड द्वारा औषधीय एवं सुगंधित पौधों से बने उत्पादों का निःशुल्क वितरण भी किया गया:
- 🥤 अनंतमूल (नन्नारी) शरबत
- शरीर को ठंडक देता है
- गर्मी और लू से बचाव में सहायक
- 🌿 लेमनग्रास तेल (10 ml शीशी)
- मानसिक शांति
- सुगंधित वातावरण
- मच्छर व कीट-पतंगों से बचाव
- मालिश में उपयोगी
📊 1000 से अधिक किसानों ने ली जानकारी
इस किसान मेले में:
- करीब 1000 से 1500 किसानों एवं आम नागरिकों ने
- बोर्ड के स्टॉल पर पहुंचकर
- औषधीय पौधों की खेती
- उनके फायदे और बाजार संभावनाओं
के बारे में जानकारी प्राप्त की।