दिल्ली के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने बताया कि आज दिल्ली सचिवालय में 120 कंस्ट्रक्शन साइट (जिनमें काम हो रहा है) के प्रतिनिधियों को बुलाकर बैठक हुई है। इनमें प्राइवेट और सरकारी दोनों तरह की साइट शामिल हैं। गोपाल राय ने कहा कि सात अक्टूबर से पूरी दिल्ली में एंटी डस्ट कैंपेन शुरू हो चुका है। सात तारीख को जब हम निरीक्षण के लिए गए तो पता चला कि काफी कंपनियां लापरवाही कर रही हैं। उनके खिलाफ हमने पेनाल्टी भी लगाई थी। इसी के साथ उन्होंने विंटर एक्शन प्लान यानी 21 सूत्रीय एक्शन प्लान की स्थिति के बारे में भी बताया।
इन लोगों को 12 नियमों के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिन्हें उन लोगों को फॉलो करना है। इसके लिए उन्हें प्रॉपर टूल किट और ट्रेनिंग दी गई है। इन लोगों को निर्देश दिया गया है कि ग्राउंड पर जो वर्कर काम कर रहे हैं, उन्हें भी जाकर ये ट्रेनिंग दें। साथ ही हमने 10 कंपनियों को हरित रत्न अवार्ड से सम्मानित किया है। इन कंपनियों ने धूल प्रदूषण को रोकने के लिए बेहतर काम किया था। इसके पीछे का उद्देश्य यही था कि अच्छा करने वालों को मोटिवेशन मिल सके।
गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली सरकार 21 सूत्री विंटर एक्शन प्लान के सभी बिन्दुओं पर आगे बढ़ चुकी है। वॉर रूम खुल चुका है, ग्रीन दिल्ली एप लॉन्च हो चुकी है, दिल्ली के खेतों में पराली के लिए बायोडीकंपोजर का छिड़काव शुरू हो चुका है और एंटी डस्ट कैंपेन भी शुरू हो चुका है। इसके साथ ही आगामी दिनों में जनजागरुकता अभियान जैसे अन्य पहलें भी चालू हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम वर्षा के लिए एक बार फिर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को चिट्ठी लिखूंगा ताकि जल्द ही मीटिंग बुलाई जाए और समय रहते तैयारियां की जा सकें।
राजधानी दिल्ली के लिए विंटर एक्शन प्लान है। इस साल की थीम ‘मिल कर चलें, प्रदूषण से लड़ें’रखी गई है। इसका उद्देश्य राजधानी को गैस चैंबर में तब्दील होने से रोकना है। सरल शब्दों में कहें तो इसमें ड्रोन से निगरानी करना,धूल को कम करने के लिए अभियान चलाना,नई टास्क फोर्स को गठित करना, सड़क साफ करने वाली मशीनें और पलूशन को कम करने के लिए 200 से अधिक एन्टी स्मॉग गनों का प्रयोग करने जैसे प्लान हैं। ताकि पलूशन को कम किया जा सके।