छत्तीसगढ़ की शांति प्रिय पहचान में कबीरपंथ की बड़ी भूमिका: दामाखेड़ा संत समागम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश

कबीरपंथ


दामाखेड़ा संत समागम: आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संगम

छत्तीसगढ़ की पावन और शांति प्रिय धरती पर कबीरपंथ का प्रभाव सदियों से जनजीवन में गहराई से समाया हुआ है। इसी आध्यात्मिक परंपरा का सजीव उदाहरण रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में देखने को मिला, जहां माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शामिल हुए। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त संदेश लेकर आया।


🌸 मुख्यमंत्री ने लिया संतों का आशीर्वाद, की प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर:

  • पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब
  • पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहेब

को चादर और श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री ने संत समागम समारोह की अनुदान राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिसे उपस्थित जनसमूह ने तालियों से स्वागत किया।


🕊️ कबीरपंथ और छत्तीसगढ़: शांति प्रिय समाज की नींव

मुख्यमंत्री श्री साय ने माघ पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि:

  • कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक और गहरा प्रभाव है
  • यही कारण है कि छत्तीसगढ़ के लोग स्वभाव से शांति प्रिय और सहिष्णु हैं
  • कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा का संत समागम हर वर्ष और अधिक भव्य होता जा रहा है, जो लोगों की बढ़ती आस्था का प्रतीक है

उन्होंने यह भी साझा किया कि वे बचपन से ही कबीरपंथ से परिचित हैं और उनके गांव बगिया में आज भी कई कबीरपंथी परिवार निवास करते हैं।


📜 दामाखेड़ा को मिलेगा “कबीर धर्मनगर” का आधिकारिक दर्जा

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दामाखेड़ा को कबीर धर्मनगर नाम दिए जाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है और राजपत्र में प्रकाशन की कार्यवाही जारी है। यह निर्णय कबीरपंथी समाज की लंबे समय से चली आ रही भावना को सम्मान देने वाला कदम माना जा रहा है।


🚀 विकास, सुशासन और नक्सलवाद पर बड़ा बयान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि:

  • डबल इंजन की सरकार से छत्तीसगढ़ को सीधा और तेज़ लाभ मिल रहा है
  • प्रदेश अब तेज़ी से विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है
  • नक्सलवाद, जो विकास की सबसे बड़ी बाधा रहा है, उसे 31 मार्च 2026 तक जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा

उन्होंने दोहराया कि सरकार जनता से किए गए हर वादे को तेजी से पूरा कर रही है।


🌱 समाज सेवा और युवा उत्थान में कबीरपंथ की भूमिका

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। उन्होंने बताया कि कबीरपंथ:

  • वृक्षारोपण
  • नशामुक्ति
  • समाज सेवा
  • युवा उत्थान

जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे कबीर आश्रमों के विकास कार्यों को लेकर सदैव संवेदनशील रहते हैं।

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