तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक विधायक का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है, जिसमें वो एक रेलवे अधिकारी को धमकाते दिख रहे हैं. जानकारी के अनुसार, रेलवे अधिकारी की गलती बस इतनी है कि उसने विधायक के साथ यात्रा कर रहे दो अन्य यात्रियों के टिकटों की वैधता पर सवाल उठाए थे. ये वीडियो नबाग्राम के विधायक कनाई चंद्रा मंडल का बताया जा रहा है जो मंगलवार को मलदा से हावड़ा के बीच यूपी इंटरसिटी एक्सप्रेस पर यात्रा कर रहे थे.
टिकट कलेक्टर आचिंत्य साहा ने पूर्वी रेलवे के डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर को एक पत्र लिखकर पूरा मामला बताया है. उन्होंने बताया कि विधायक के साथ यात्रा कर रहे दो यात्रियों में से केवल एक के पास ही टिकट थे. जब उन्होंने उन यात्रियों के टिकट मांगे, तो एक यात्री ने कहा कि वह नबाग्राम का विधायक है और अवैध यात्रियों के लिए शुल्क देने से इनकार कर दिया. इसके बाद साहा ने तुरंत मालदा कंट्रोल रूम को सूचित किया.
साहा ने दावा किया कि यात्रियों ने उन्हें गालियां दीं और विधायक ने धमकी दी कि ‘उनके लोग अगले स्टेशन पर मुझसे मिलेंगे’. विधायक के समर्थकों ने उन्हें ‘दो दिनों के भीतर मारने’ की धमकी भी दी. साहा ने कहा कि कुछ समय बाद एक यात्री ने अपने टिकट को अपग्रेड करने के लिए राशि का भुगतान किया और दूसरा यात्री अगले स्टेशन पर उतर गया.
साहा ने बताया कि सीट नंबर 18 विधायक के नाम पर बुक की गई थी, लेकिन सीट नंबर 19, जो आर्चना मंडल के नाम पर बुक थी. उसपर एक दूसरा व्यक्ति सबर्ना दास राय बैठा हुआ था. सूत्रों के अनुसार, रेलवे मंत्रालय ने साहा के पत्र पर ध्यान दिया है और जल्द ही एक्शन लिया जा सकता है.
वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्रियों ने टिकट कलेक्टर का समर्थन किया और विधायक को बताया कि वे अपनी शक्ति का दुरुपयोग नहीं कर सकते.
पश्चिम बंगाल की भाजपा नेता अग्निमित्रा पाल ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और टीएमसी विधायक की धमकियों की निंदा की. उन्होंने ट्वीट किया कि ‘घटना टीएमसी नेताओं के अहंकार का स्पष्ट उदाहरण है, जो मानते हैं कि वे कानून को अपनी इच्छानुसार बदल सकते हैं.टीएमसी को अब खुद की आईने में झांकने की जरूरत है और यह समझना चाहिए कि नियमों और जनता की सेवा के प्रति सम्मान उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि केवल अपने स्वार्थ और अधिकारों का प्रदर्शन.’