Apple के सीईओ1 टिम कुक ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि इस साल की जून तिमाही में अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर iPhone भारत से एक्सपोर्ट किए जाएंगे. कुक ने बताया कि इस बदलाव का कारण अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता व्यापार युद्ध है, जिसके चलते Apple अपनी मैन्युफैक्चरिंग का एक बड़ा हिस्सा चीन से भारत शिफ्ट कर रहा है. हालांकि, कुक ने यह भी स्पष्ट किया कि वे भविष्य के उत्पादन मिक्स के बारे में कुछ भी अनुमान नहीं लगा सकते, क्योंकि व्यापारिक हालात लगातार बदल रहे हैं.
Apple ने पहले ही अपने उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा भारत में स्थापित कर लिया है. 2022-23 में Apple ने भारत में करीब 22 अरब डॉलर के iPhones बनाए, जिसमें से लगभग 18 अरब डॉलर के iPhones विदेशों में एक्सपोर्ट किए गए. भारत में उत्पादन की बढ़ती दर और सरकार की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना का इसमें महत्वपूर्ण योगदान है, जिससे Apple और उसके कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को भारी सब्सिडी मिल रही है. इस योजना के तहत, Apple के मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स जैसे Foxconn, Tata Electronics और Pegatron को तीन साल में करीब 6,600 करोड़ रुपये की मदद दी गई है. Apple ने 2020 में भारत में अपने उत्पादन को दोगुना किया था, जब सरकार ने PLI योजना की शुरुआत की थी. अब Apple भारत में केवल पुराने मॉडल्स ही नहीं, बल्कि अपने हाई-एंड iPhone Pro मॉडल्स भी बना रहा है, जिनकी वैश्विक मांग बहुत अधिक है. इससे Apple के लिए चीन पर निर्भरता कम करने का एक बड़ा अवसर मिला है.
भारत में Apple के उत्पादन का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है. कंपनी के अनुसार, भारत में अब Apple के लिए 64 सप्लायर्स काम कर रहे हैं, जबकि 2022 में यह संख्या केवल 14 थी. यह धीरे-धीरे Apple के सप्लायर बेस को भारत में स्थानांतरित करने का संकेत है.
Apple iPhones from India for US. इसके अतिरिक्त, Apple के लिए यह बदलाव फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि भारत में आयात शुल्क की दरें चीन के मुकाबले काफी कम हैं और अमेरिका ने भारत को 90 दिनों के लिए कुछ टैरिफ को स्थगित कर दिया है. इससे Apple को भारत में मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट के खर्च में कमी आई है.