“‘10 मिनट में मुंबई बंद?’ संजय राउत के दावे पर फडणवीस का तीखा तंज—‘अपने घर के बाहर भी बंद नहीं करा सकते’”

संजय राउत बयान


संजय राउत बयान पर सियासी तूफान, बीएमसी चुनाव से पहले माहौल गरम

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत के “10 मिनट में मुंबई बंद” करने वाले बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जोरदार पलटवार करते हुए इसे खोखली धमकी करार दिया है।

फडणवीस का बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है और इसे आगामी बीएमसी चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी की शुरुआत माना जा रहा है।


क्या कहा था संजय राउत ने?

एक टीवी इंटरव्यू में संजय राउत ने दावा किया कि—

  • उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का परिवार
  • आज भी कुछ ही मिनटों में
  • पूरी मुंबई को बंद कराने की क्षमता रखता है

उन्होंने कहा कि—

  • चुनाव में हार-जीत होती रहती है
  • लेकिन शिवसेना की संगठनात्मक ताकत आज भी बरकरार है
  • ठाकरे परिवार मराठी अस्मिता और मुंबई का रक्षक है

राउत के इस बयान को कई राजनीतिक विश्लेषकों ने शक्ति प्रदर्शन की कोशिश के रूप में देखा।


फडणवीस का तीखा पलटवार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 11 जनवरी को इस बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कहा—

  • बीजेपी ऐसी गीदड़ भभकियों से डरने वाली नहीं है
  • संजय राउत केवल सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे बयान देते हैं
  • हकीकत में उनकी कोई जमीन पर पकड़ नहीं बची है

उन्होंने तंज कसते हुए कहा—

“राउत अपने घर के आसपास का इलाका भी बंद नहीं करा सकते, पूरी मुंबई की बात कर रहे हैं।”


बालासाहेब ठाकरे के दौर का किया जिक्र

फडणवीस ने यह भी स्वीकार किया कि—

  • बालासाहेब ठाकरे के दौर में
  • एक इशारे पर
  • मुंबई कुछ ही घंटों में बंद हो जाया करती थी

लेकिन उन्होंने साफ कहा कि—

  • आज शिवसेना (यूबीटी) में
  • वैसी ताकत नहीं बची है
  • समय और परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं

शिंदे प्रकरण का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने संजय राउत के दावों को खारिज करते हुए एकनाथ शिंदे प्रकरण का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा—

  • जब शिंदे गुवाहाटी गए थे
  • तब भी दावा किया गया था कि
    • वे मुंबई में कदम नहीं रख पाएंगे
  • लेकिन शिंदे
    • 50 विधायकों के साथ
    • खुलेआम मुंबई आए
    • राजभवन तक सड़क मार्ग से पहुंचे
    • और बाद में सरकार बनी

फडणवीस के अनुसार, यह सब सार्वजनिक रूप से हुआ, जिससे राउत के मौजूदा दावे केवल बयानबाजी साबित होते हैं।


बीएमसी चुनाव से पहले बढ़ेगा सियासी टकराव

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि—

  • बीएमसी चुनाव नजदीक आते ही
  • मुंबई को लेकर बयानबाजी तेज होगी
  • ठाकरे परिवार बनाम बीजेपी की लड़ाई
  • और अधिक आक्रामक रूप ले सकती है

मुंबई, जो देश की आर्थिक राजधानी है, वहां का राजनीतिक नियंत्रण हमेशा से सत्ता की कुंजी माना जाता है।


जनता के बीच क्या संदेश?

इस पूरे विवाद में—

  • एक ओर शिवसेना (यूबीटी)
    • अपनी पुरानी ताकत और विरासत का दावा कर रही है
  • वहीं बीजेपी
    • मौजूदा राजनीतिक वास्तविकता और
    • संगठनात्मक मजबूती का हवाला दे रही है

सोशल मीडिया पर यह बहस तेजी से ट्रेंड कर रही है और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने हैं।

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