बांग्लादेश के महान क्रिकेटर शाकिब अल हसन ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ नागरिक अशांति के दौरान खामोश रहने के लिए माफी मांगी है. इससे साउथ अफ्रीका के खिलाफ बांग्लादेश में उनके विदाई टेस्ट खेलने का रास्ता भी क्लियर हो जाएगा.
शाकिब 21 अक्टूबर से मीरपुर में शुरू हो रहे पहले टेस्ट के बाद इस फॉर्मेट से विदा लेना चाहते हैं. चटगांव में दूसरा टेस्ट भी होगा, लेकिन माना जा रहा है कि वह पहला मैच खेलकर अमेरिका चले जाएंगे जहां वह अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं. शाकिब ने फेसबुक पर लिखा, ‘मैं उन सभी छात्रों को श्रद्धांजलि देता हूं जिन्होंने पक्षपात विरोधी आंदोलन की अगुवाई की और अपनी जान गंवा दी या घायल हो गए.’
बता दें कि शाकिब के खिलाफ बांग्लादेश में हत्या का आरोप भी दर्ज है. उन्होंने कहा, ‘प्रियजनों को खोने की कोई भरपाई नहीं कर सकता. बच्चे या भाई को खोने की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता. इस नाजुक दौर में मेरी खामोशी से आहत हुए लोगों से मैं क्षमायाचना करता हूं. मैं आपकी जगह होता तो मैं भी दुखी होता.’
भारत में टेस्ट सीरीज के दौरान 37 साल के शाकिब ने आखिरी टेस्ट बांग्लादेश में खेलने की इच्छा जताई थी बशर्ते मौजूदा सरकार उन्हें सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराए. भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद वह यूएई चले गए क्योंकि वह जून में टी20 विश्व कप के बाद इस प्रारूप को अलविदा कह चुके हैं.
उन पर प्रदर्शनों के दौरान एक छात्र की हत्या का आरोप है, लेकिन शाकिब उस समय कनाडा में एक टी20 लीग खेल रहे थे. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के नए अध्यक्ष फारूक अहमद ने शाकिब के अनुरोध को खारिज करते हुए कहा था कि बीसीबी कोई सुरक्षा एजेंसी नहीं है और उन्हें सुरक्षा कवर की गारंटी नहीं दे सकती.
सरकार के खेल सलाहकार आसिफ महमूद ने हालांकि कहा कि अपना राजनीतिक नजरिया अगर वह स्पष्ट कर देते हैं तो उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जा सकती है. कोलकाता नाइट राइडर्स के स्टार खिलाड़ी ने स्पष्ट किया कि बतौर राजनीतिज्ञ उनका एकमात्र लक्ष्य उनके शहर मागुरा का विकास है. शाकिब के सार्वजनिक माफीनामे के बाद अब लगता है कि वह मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम पर अपना आखिरी टेस्ट खेल सकते हैं.
शेख हसीना सरकार में संसद सदस्य रहे शाकिब ने लिखा, ‘आप सभी को पता है कि मैं जल्दी ही अपना आखिरी मैच खेलूंगा. मैं आप सभी के सामने विदा लेना चाहता हूं. विदाई के समय उन लोगों से हाथ मिलाना चाहता हूं जिनकी शाबाशी ने मुझे बेहतर खेलने के लिये प्रेरित किया.’
उन्होंने अपने फैन्स से कहा, ‘मैं उन लोगों से आंख मिलाना चाहता हूं जिन्होंने मेरे अच्छा खेलने पर तालियां बजाईं और खराब खेलने पर उनकी आंखें भर आईं. मेरा मानना है कि विदाई की इस बेला में आप सभी मेरे साथ होंगे. हम सभी मिलकर उस कहानी का समापन करेंगे जिसके नायक मैं नहीं, बल्कि आप सभी हैं.’
हाल ही में बांग्लादेश में तख्तापलट हुआ है. उस दौरान विरोध प्रदर्शन के चलते प्रधानमंत्री शेख हसीना देश छोड़कर भारत आकर रहने लगी हैं. शाकिब भी शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग से जुड़े हुए हैं. इस पार्टी से वे सांसद भी बने थे. बांग्लादेश में इस पार्टी के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा है.
तख्तापलट के दौरान ही शाकिब अल हसन के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मृतक रुबेल के पिता रफीकुल इस्लाम ने ढाका के अदबोर पुलिस स्टेशन में शाकिब के खिलाफ मामला दर्ज कराया. रुबेल एक कपड़ा श्रमिक थे, जिनकी एक प्रदर्शन के दौरान मौत हो गई थी.
शाकिब के अलावा अन्य आरोपियों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना, ओबैदुल कादर और 154 अन्य लोग भी शामिल हैं. करीब 400-500 अज्ञात लोग भी आरोपी बनाए गए हैं. कथित तौर पर 5 अगस्त को रुबेल ने एडबोर में रिंग रोड पर एक विरोध मार्च में हिस्सा लिया था. रैली के दौरान, किसी ने कथित तौर पर एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत भीड़ पर गोलियां चला दीं. इसी दौरान रुबेल की मौत हो गई.
37 साल के दिग्गज शाकिब ने अब तक बांग्लादेश के लिए 71 टेस्ट खेले और 37.78 की औसत से 4609 रन बनाए. वहीं बॉलिंग में 246 विकेट निकाले. वे बांग्लादेश के सबसे कामयाब क्रिकेटर्स में रहे हैं. शाकिब ने 247 वनडे और 129 टी20 मुकाबले खेले हैं. वनडे में शाकिब के नाम पर 7570 रन और 317 विकेट दर्ज हैं.
शाकिब ने टी20 इंटरनेशनल में 2551 रन बनाए हैं और उन्होंने 149 विकेट भी चटकाए. शाकिब को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी अनुभव है. उन्होंने IPL में 71 मुकाबले खेले, जिसमें 793 रन बनाए और 63 विकेट भी लिए.