मुसलमानों आबादी कम है इसलिए…; शिमला की मस्जिद में AIMIM नेता की एंट्री, ठंडा पड़ा विवाद फिर गरम

शिमला के संजौली मस्जिद को लेकर उठा विवाद एक बार गरम होता दिख रहा है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता के मस्जिद में एंट्री के बाद फिर इस मुद्दे पर हंगामा होने लगा है। AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमई ने मस्जिद में जाकर वीडियो बनाया और इसको लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि (मुसलमानों की) आबादी कम होने और सपोर्ट सिस्टम के अभाव में मस्जिद कमेटी को समझौता करना पड़ा। हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, कांग्रेस सरकार के मंत्री विक्रमादित्य ने भी जमई पर माहौल खराब करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

संजौली मस्जिद से फिल्माया गया जमई का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह कहते हैं कि न्याय सभी के लिए समान है और केवल अदालत ही तय करेगी कि मस्जिद वैध थी या अवैध। मस्जिद के बराबर मंजिलों वाली इमारतों को दिखाते हुए जमई ने कहा कि अगर यह मस्जिद अवैध है, तो कई अन्य निर्माण भी अवैध हैं और ‘हम अदालत में एक जनहित याचिका दायर करेंगे और पूछेंगे कि साढ़े चार मंजिलों से अधिक की अन्य इमारतें अवैध क्यों नहीं हैं।’

मस्जिद कमेटी की ओर से अवैध हिस्से को सील करने और खुद गिराए जाने के प्रस्ताव को जमई ने मुसलमानों की कम आबादी से जोड़ दिया। उन्होंने कहा, ‘मौलाना ने यहां बहुत अच्छे तरीके से हैंडल किया है। यहां आबादी आपकी इतनी कम है, उतना सपोर्ट सिस्टम नहीं है। एक फैसला लेना पड़ता है। सरपसंद ताकतें यहां आवाज उठा रही हैं। यह हम समझते हैं, मुल्क के मुसलमानों को भी समझना चाहिए। हम दिल्ली वालों की जिम्मेदारी बनती है कि उनको सपोर्ट करें। हम पूरी तरह से सपोर्ट कर रहे हैं। अभी मौलाना से बात की है, वक्फ बोर्ड के सदस्यों से भी बात कर रहे हैं कि हम हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।’हिमाचल के पूर्व सीएम और भाजपा के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर ने जमई को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने ओवैसी की पार्टी पर शांति भंग की कोशिश का आरोप लगाया। ठाकुर ने एएनआई से बातचीत में कहा, ‘ओवैसी एक ऐसी पार्टी के नेता हैं जो एक समुदाय तक सीमित है। सौहार्द को खराब करने के लिए उनकी पार्टी बयान देती है। उनकी ही पार्टी के एक नेता शिमला आते हैं, जो सील पड़ी मस्जिद में जाते हैं और वीडियोग्राफी करते हैं। वह दूसरे मकानों को कहते हैं कि यह तो इससे भी ऊंची है, ऊंची होने के मतलब नहीं कि वह अवैध है। उन्हें समझना चाहिए कि जिस तरह का बयान दिया है, हिमाचल में शांति भंग करने की कोशिश हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुझे पता चला है कि एफआईआर हुई है। लेकिन इतना ही काफी नहीं उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।


विक्रमादित्य सिंह ने वीडियो का हवाला दिया और कहा कि वह (जमई) बाहर से आए हैं। वह विवादित मस्जिद का वीडियो बनाकर और मामले को सनसनीखेज बनाकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है और इस तरह की हरकतों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।’ सिंह ने कहा कि अदालत तय करेगी कि मस्जिद अवैध है या नहीं।

संजौली मस्जिद समिति के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ ने इस हरकत की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘हम घटना और बयान की निंदा करते हैं और सभी से अनुरोध करते हैं कि यहां माहौल खराब न करें। हमें बाहरी लोगों की जरूरत नहीं है। हम, सरकार और हिंदू संगठन सौहार्दपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को सुलझा लेंगे।’

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