नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड के बीच 5 टेस्ट मैच की मौजूदा सीरीज के दौरान लगातार कुछ न कुछ विवाद चर्चा में रह रहे हैं। लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे टेस्ट में शुभमन गिल और जैक क्रॉली के बीच बहस रही हो या मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट में बेन स्टोक्स की ‘हैंडशेक कंट्रोवर्सी’ या फिर गौतम गंभीर की ओवल के पिच क्यूरेटर के साथ हुई गरमागरमी बहस…लगातार विवाद चर्चा में हैं। बेन स्टोक्स की ‘हैंडशेक कंट्रोवर्सी’ पर तो अब भी खेल जगत में बहस जारी है। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज नाथन लियोन ने मैनचेस्टर टेस्ट के आखिरी दिन बेन स्टोक्स की दिखाई पैंतरेबाजी की आलोचना की है।
चौथे टेस्ट के आखिरी दिन आखिरी घंटे से कुछ पहले इंग्लैंड के कप्तान ने बल्लेबाजी कर रहे रविंद्र जडेजा की तरफ हाथ बढ़ाया था। उस वक्त जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर दोनों ही शतक के करीब थे और स्टोक्स ने मैच ड्रॉ मानकर जल्दी खत्म करने की पेशकश की। जडेजा ने हाथ नहीं मिलाया। जाहिर है- उस वक्त मैच ड्रॉ की पेशकश ठुकरा दी। उसके बाद तो स्टोक्स और इंग्लैंड के कुछ अन्य खिलाड़ियों ने लगातार अपने शब्दों से भारतीय बल्लेबाजों का मजाक उड़ाने की कोशिश की। कहा कि पार्टटाइम गेंदबाजों पर शतक बनाना चाहते हो क्या। इन सबसे बेपरवाह भारत के दोनों ऑलराउंडरों ने शतक जड़ा और मैच ड्रॉ हो गया।
‘हैंडशेक कंट्रोवर्सी’ पर क्रिकेट फैंस के बीच ऑनलाइन जबरदस्त बहस देखने को मिल रही है। ज्यादातर फैंस जडेजा और सुंदर के फैसले का समर्थन कर रहे हैं जिन्होंने अपने-अपने शतक को पूरा करने के लिए फील्ड में डटे रहे। स्टोक्स को काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ रही है। ज्यादातर एक्सपर्ट और पूर्व क्रिकेटर भी भारतीय खिलाड़ियों को शतक से वंचित करने की इंग्लैंड टीम की पैंतरेबाजी को गलत बता रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज गेंदबाज नाथन लियोन ने मीडिया से बातचीत में इस मुद्दे पर कहा, ‘उन्हें आउट करते। उन्हें शतक बनाने ही क्यों देना।’
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ने मैनचेस्टर की पिच की भी आलोचना की, जहां 5 दिनों में सिर्फ 24 विकेट ही गिरे। उन्होंने कहा, ‘बल्ले और गेंद में प्रतिस्पर्धा होती है…क्रिकेट ऐसा ही होना चाहिए, आप बल्ले और गेंद में प्रतिस्पर्धा देखना चाहते हैं। मुझे लगता है कि यह अहम है, और सभी फैंस भी यही देखना चाहते हैं, वे वो नहीं देखना चाहते जो पिछले हफ्ते मैनचेस्टर में हुआ था।’