केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब इसे सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में बजाना और गाना अनिवार्य होगा।
🎵 मुख्य नियम
- यदि किसी कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ और ‘जन गण मन’ दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं:
- पहले ‘वंदे मातरम्’ और उसके बाद ‘जन गण मन’ बजाया या गाया जाएगा।
- राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के दौरान सभी उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना होगा।
- न्यूज रील या डॉक्यूमेंट्री फिल्म में राष्ट्रगीत बजने पर खड़ा होना आवश्यक नहीं है।
⏱️ संस्करण और समय
- आधिकारिक संस्करण: 6 अंतरों वाला, 3 मिनट 10 सेकंड
- अब यह निर्धारित अवसरों पर अनिवार्य होगा, जैसे:
- तिरंगा फहराने के अवसर
- राष्ट्रपति/राज्यपाल के आगमन और प्रस्थान पर
- नागरिक अलंकरण और औपचारिक राज्य समारोह
- राष्ट्रीय ध्वज को परेड में लाने पर
📂 कार्यक्रमों की तीन श्रेणियाँ
- अनिवार्य वादन: केवल राष्ट्रगीत बजाया जाएगा।
- वादन और सामूहिक गायन अनिवार्य: राष्ट्रीय ध्वज फहराने, सांस्कृतिक कार्यक्रम, परेड और राष्ट्रपति की उपस्थिति वाले कार्यक्रम।
- वैकल्पिक अवसर: विद्यालयी और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम, जिनमें आयोजनकर्ता आवश्यक समझें।
🥁 ड्रम रोल और संकेत
- अगर राष्ट्रगीत बैंड द्वारा बजाया जाएगा, तो शुरुआत से पहले ड्रम रोल किया जाएगा।
- ड्रम रोल की अवधि: 7 कदम (पेस)
- शुरुआत धीमी, धीरे-धीरे तेज और फिर धीमी ध्वनि के साथ
- इसके बाद छोटा विराम और राष्ट्रगीत की शुरुआत
🏫 स्कूलों में पालन
- विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को अपने कार्यक्रमों में शामिल करें।
- उद्देश्य: विद्यार्थियों में राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना।
📌 उद्देश्य
- राष्ट्रगीत के वादन और गायन को औपचारिक और व्यवस्थित रूप देना।
- राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और गरिमा बनाए रखना।
- यह कदम ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आया है।
यदि आप चाहें, मैं इसे और इन्फोग्राफिक स्टाइल में आसान बुलेट पॉइंट्स में बदल सकता हूँ ताकि सोशल मीडिया या स्कूल/सरकारी प्रजेंटेशन के लिए और आकर्षक बन जाए।