जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में कुदरत का कहर बरपा। बादल फटने से तीन लोगों की जान चली गई, जबकि त्वरित कार्रवाई से 100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। शनिवार रात से ही जिले में मूसलाधार बारिश जारी है, जिसने हालात को और भी गंभीर बना दिया है।
बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने रामबन जिले में तबाही मचाई है। इस आपदा में दो होटल, कई दुकानें और कुछ घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर यातायात ठप हो गया है।
मृतकों की हुई पहचान
इस घटना में 60 वर्षीय अब्दुल रशीद, 25 वर्षीय शहनाज बेगम की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रियासी के भोमग तहसील के लमसोरा गांव के निवासी थे। इस घटना में एक अन्य महिला गुलजार बेगम (55) घायल हो गई। वह भी लमसोरा गांव की रहने वाली है। अधिकारी ने बताया कि घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
आकाशीय बिजली ने ली दो जान
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। शनिवार शाम रियासी जिले की अरनास तहसील के दुग्गा के पास चंटू गली में बादल फटा और इस दौरान आसमान से बिजली भी गिरी है।
40 भेड़-बकरियां भी मरीं
बादल फटने के बाद बिजली गिरने से 40 बकरियां और भेड़ें भी मर गईं। बादल फटने के बाद पूरा इलाका जलमग्न हो गया। रियासी जिले में कई जगहों पर लैंड स्लाइडिंग भी हुई है। इसके चलते सड़कों पर लंबा वाहनों का लंबा जाम लग गया है।
इन रास्तों को किया गया बंद
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग में कई जगहों पर लैंड स्लाइंडिग की वजह से रास्ता बंद हो गया है। पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी बारिश हो रही है। इसके अलावा, एसएसजी रोड/मुगल रोड/सिंथन रोड भी बंद है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम में सुधार होने और सड़क साफ होने तक यात्रा न करें।
मूसलाधार बारिश के चलते नाले में उफान आ गया और अचानक बाढ़ जैसे हालात बन गए। चेनाब पुल के पास धरमकुंड गांव में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है। बादल फटने की इस घटना में दस घर पूरी तरह से तबाह हो गए, जबकि 25 से 30 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। राहत की बात यह है कि धरमकुंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस क्षेत्र में फंसे लगभग 90 से 100 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है।