नवरंगपुर । भारतीय मज़दूर संघ से संबद्ध ओडिशा राज्य आशा कर्मी संघ, नवरंगपुर जिला ने 14 तारीख से कार्य बहिष्कार और जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है।
यह कदम डॉक्टर सागरिका स्वाईं के खिलाफ कार्रवाई न होने के विरोध में उठाया जा रहा है। 30 अगस्त 2025 को उमरकोट ब्लॉक के बड़बासीनई गांव की आशा कर्मी दयामंती भतरा़ के गर्भस्थ शिशु एवं मां की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद 1 सितंबर 2025 को आंदोलन भी हुआ था, जिसमें प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसी के विरोध में संघ 14 तारीख को पुलिस पाड़िया से एक रैली निकालकर जिला कलेक्टर निवास एवं कार्यालय का घेराव करेगा। इसके अगले दिन यानी 15 तारीख से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा।
संघ ने आठ सूत्रीय मांगों के साथ आंदोलन की तैयारी की है, जिनमें मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
डॉक्टर सागरिका स्वाईं का निलंबन एवं तत्काल गिरफ़्तारी
नवरंगपुर जिले की सभी आशा कर्मियों के लिए विश्राम गृह की व्यवस्था एवं सेवानिवृत्ति सहायता
आशा कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देकर 24 हजार रुपये मासिक वेतन
दुर्घटना से मृत्यु पर 10 लाख एवं प्राकृतिक मृत्यु पर 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
प्रत्येक आशा कर्मी को 5 हजार रुपये मासिक पेंशन
संघ ने स्पष्ट कहा है, “जब तक मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।”
जिला स्तरीय बैठक में भारतीय मज़दूर संघ जिला अध्यक्ष बांके बिहारी विषयी, उपदेश्टा परमेश्वर विषयी, आशा कर्मी संघ जिला अध्यक्ष कविता स्वाईं, संपादिका गीतांजलि हरिजन समेत बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में यह निर्णय लिया गया।
(संवाददाता: नवरंगपुर से रसीक सरकार की रिपोर्ट, कांकेर एक्सप्रेस)