“Mahatari Express Negligence”
कांकेर जिले में महतारी एक्सप्रेस की लापरवाही से गर्भवती महिला को गंभीर समस्या, पिकअप से अस्पताल पहुंची
कांकेर, छत्तीसगढ़: महतारी एक्सप्रेस, जो गर्भवती महिलाओं और मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा है, अब सवालों के घेरे में आ गई है। कांकेर जिले के पखांजूर के ग्राम छोटे कापसी में एक गर्भवती महिला ज्योतिका मंडल को समय पर महतारी एक्सप्रेस की सेवा नहीं मिलने पर उसे पिकअप वाहन में अस्पताल तक पहुंचाया गया। यह घटना महतारी एक्सप्रेस की सेवा में लापरवाही को उजागर करती है, जो कि महिला के परिजनों के लिए चिंता का कारण बनी।
घटना का विवरण:
- समस्या का शुरुआत:
पखांजूर के छोटे कापसी गांव में रहने वाली 28 वर्षीय गर्भवती महिला ज्योतिका मंडल को बुधवार की रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने उसकी स्थिति को गंभीर होते हुए देखा और तत्काल महतारी एक्सप्रेस को फोन किया। हालांकि, फोन लगाने के बावजूद कई बार मदद नहीं मिल पाई। - लंबा इंतजार:
परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस से संपर्क करने के बाद काफी समय तक इंतजार किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती चली गई। परिजनों ने कई बार महतारी एक्सप्रेस से सहायता की गुहार लगाई, लेकिन किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली। - पिकअप से अस्पताल पहुंचाना:
आखिरकार, परिजनों ने गांव के एक युवक से मदद मांगी और उसे पिकअप वाहन की व्यवस्था की। महिला को पिकअप वाहन में बैठाकर अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना महतारी एक्सप्रेस की लापरवाही को लेकर गहरे सवाल खड़े करती है।
परिजनों का आक्रोश:
महिला के परिजनों ने महतारी एक्सप्रेस के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिस समय महिला को महतारी एक्सप्रेस की सबसे ज्यादा जरूरत थी, उस समय सेवा उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि फोन की घंटी जाने के बाद भी किसी ने जवाब नहीं दिया, जिससे महिला की जिंदगी को खतरा हो सकता था।
- लापरवाही की गंभीरता:
परिजनों ने यह भी कहा कि यह लापरवाही गंभीर है, क्योंकि अगर महिला की स्थिति और खराब हो जाती तो इसके परिणाम बहुत घातक हो सकते थे। उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसी गंभीर परिस्थितियों में महतारी एक्सप्रेस जैसे सरकारी सेवा के बारे में इतनी लापरवाही क्यों दिखाई गई।
महत्वपूर्ण सवाल:
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या महतारी एक्सप्रेस जैसी सेवाएं सही समय पर और पूरी तरह से कार्य कर रही हैं? क्या सरकार को इस तरह की सेवाओं की कार्यक्षमता और जवाबदेही पर पुनः विचार नहीं करना चाहिए?