कापसी और मटली रेस्ट हाउस में नई ऊर्जा: वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त तारम के नेतृत्व में अनुशासन और सेवा का बेहतरीन उदाहरण

कापसी और मटली रेंजर रेस्ट हाउस इन दिनों सेवा और अनुशासन का आदर्श बन गए हैं, और इसका पूरा श्रेय वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त तारम को जाता है। उनके पदभार संभालने के बाद से इन दोनों रेस्ट हाउसों की व्यवस्था में जबरदस्त सुधार देखने को मिला है। देवदत्त तारम ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व और कठोर अनुशासन से न केवल रेस्ट हाउस की व्यवस्थाओं को नया जीवन दिया है, बल्कि जंगल की सुरक्षा को भी एक नई ऊंचाई पर पहुंचाया है।

रेस्ट हाउस में चौकीदार *उमेदं सलाम, **तपन माली, और *अशोक कडिचाम अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। इनका कार्यक्षेत्र सिर्फ रेस्ट हाउस की देखरेख तक सीमित नहीं है, बल्कि ये 100 लोगों के भोजन की व्यवस्था, उनकी सेवा, और परिसर की सफाई को भी पूरे समर्पण के साथ संभालते हैं। यह समर्पण रेंजर देवदत्त तारम की प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता का परिणाम है, जिन्होंने इन कर्मचारियों को प्रेरित किया है।

जंगल संरक्षण में देवदत्त तारम की अगुवाई ने रचा नया इतिहास
देवदत्त तारम ने जंगल काटने वालों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। उनके नेतृत्व में तस्करों पर शिकंजा कसते हुए कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयां की गई हैं। उनके त्वरित निर्णय और कार्रवाई के कारण वन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हुई है। स्थानीय ग्रामीण भी उनकी प्रशंसा करते हुए कहते हैं कि “रेंजर के आने के बाद जंगल सुरक्षित हुआ है, और उनकी कड़ी मेहनत से इलाके में बदलाव साफ नजर आता है।”

एक आदर्श नेतृत्वकर्ता
देवदत्त तारम न केवल अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध हैं, बल्कि अपनी टीम को प्रेरित करने में भी माहिर हैं। उनकी कार्यशैली में अनुशासन, ईमानदारी और सेवा भावना का अनूठा संगम देखने को मिलता है। रेस्ट हाउस की व्यवस्था से लेकर जंगल की सुरक्षा तक, हर पहलू में उन्होंने एक नया मानदंड स्थापित किया है।

उनकी सोच और कार्यशैली ने यह साबित कर दिया है कि एक अच्छा नेतृत्वकर्ता ही बदलाव की शुरुआत कर सकता है। आज कापसी और मटली रेस्ट हाउस उनकी कड़ी मेहनत और नेतृत्व का उदाहरण हैं, जहां सेवाभाव और अनुशासन का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। देवदत्त तारम ने यह दिखा दिया है कि सही दिशा और निष्ठा से किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

वन विभाग और स्थानीय लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते। उनकी लगन और दूरदर्शिता ने कापसी और मटली रेस्ट हाउस को ना केवल क्षेत्र का गौरव बनाया है, बल्कि जंगल संरक्षण में भी एक नई उम्मीद जगाई है।

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