दिव्यांग सशक्तिकरण की नई पहल: राज्यपाल रमेन डेका ने ब्रेल पुस्तक और 3000+ कंटेंट वाली ऑडियो बुक्स का किया विमोचन

ब्रेल पुस्तक विमोचन


भूमिका

दिव्यांगजनों को शिक्षा, प्रेरणा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में छत्तीसगढ़ में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन में छत्तीसगढ़ की वीर एवं दिव्यांग महिलाओं की प्रेरणादायी सफलता कहानियों पर आधारित दो ब्रेल पुस्तक और तीन हजार से अधिक कंटेंट को संकलित कर तैयार की गई ऑडियो बुक्स का विधिवत विमोचन किया। यह पहल न केवल दिव्यांगजनों के लिए ज्ञान के द्वार खोलती है, बल्कि समावेशी समाज की दिशा में भी मजबूत संदेश देती है।


लोकभवन में हुआ गरिमामय कार्यक्रम

लोकभवन में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में—

  • ब्रेल पुस्तकों का विमोचन
  • ऑडियो बुक्स का लोकार्पण
  • योगदान देने वाले शिक्षकों का सम्मान

एक साथ किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सरोकार और दिव्यांग सशक्तिकरण का सुंदर समन्वय देखने को मिला।


ब्रेल संस्करण को बताया सराहनीय पहल

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने ब्रेल पुस्तक विमोचन को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा—

“इन पुस्तकों को ब्रेल वर्जन में उपलब्ध कराना वास्तव में प्रशंसनीय कार्य है। इससे दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को प्रेरणादायी जीवन कथाएं पढ़ने और समझने का अवसर मिलेगा।”

उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी शिक्षकों, लेखकों और सहयोगियों को बधाई दी।


गुमनाम नायकों को मिलना चाहिए मंच

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि—

  • हमारे समाज में
    • अनेक ऐसी गुमनाम हस्तियां हैं
    • जिन्होंने समाज के लिए
      • अनुकरणीय
      • और प्रेरणादायी
        कार्य किए हैं
  • ऐसे लोगों को
    • पहचान
    • सम्मान
    • और प्रोत्साहन
      मिलना चाहिए

उन्होंने कहा कि दिव्यांग महिलाओं की सफलता की कहानियां समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।


दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा

श्री डेका ने कहा कि—

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में
    • दिव्यांगता
    • और मानसिक स्वास्थ्य
      पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है

उन्होंने यह भी कहा कि—

  • समाज में हर व्यक्ति की चुनौतियां अलग हैं
  • दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं
  • देश और समाज के विकास में
    • उनका योगदान
    • अत्यंत महत्वपूर्ण
      है

सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर

राज्यपाल ने कहा कि—

  • दिव्यांगजनों के लिए
    • सार्वजनिक स्थलों
    • अस्पतालों
    • शैक्षणिक संस्थानों

में—

  • रैम्प
  • सुगम प्रवेश
  • आवश्यक सुविधाएं

अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।


ऑडियो बुक्स के प्रचार-प्रसार की अपील

राज्यपाल ने ऑडियो बुक्स की विशेष सराहना करते हुए कहा—

  • इनका
    • व्यापक प्रचार-प्रसार
      किया जाना चाहिए
  • ताकि
    • छत्तीसगढ़ के बाहर
    • देश के अन्य राज्यों के
      • दिव्यांगजन
        भी इसका लाभ ले सकें

ऑडियो बुक्स तकनीक के माध्यम से शिक्षा को हर वर्ग तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।


शिक्षकों को किया गया सम्मानित

इस अवसर पर—

  • राज्य के विभिन्न जिलों से
    • ऑडियो बुक्स निर्माण में योगदान देने वाले
      शिक्षकों को सम्मानित किया गया

कार्यक्रम में विशेष रूप से—

  • राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित
    • सुश्री के. शारदा
    • श्रीमती प्रीति शांडिल्य

सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

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