बस्तर विकास कार्य
भूमिका
छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास और संस्कृति के संतुलित विस्तार को लेकर राज्य सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर अंचल को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण है। नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बस्तर विकासखंड में 5 करोड़ 84 लाख 76 हजार रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर उन्होंने इस संकल्प को जमीन पर उतारने का भरोसा दिलाया।
कई गांवों में विकास कार्यों की सौगात
मंत्री केदार कश्यप ने—
- फरसागुड़ा
- सोरगांव
- चेराकुर
- छोटेअलनार
में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने विकास कार्यों के शुभारंभ का स्वागत किया।
चेराकुर क्लस्टर को सबसे बड़ा लाभ
बस्तर विकास कार्य के तहत चेराकुर क्लस्टर के लिए सबसे अधिक राशि स्वीकृत की गई है।
- कुल स्वीकृत राशि: 4 करोड़ 85 लाख 98 हजार रुपए
- प्रमुख परियोजना:
- चेराकुर से कोलेबेडा सड़क निर्माण
- लागत: 4 करोड़ 64 लाख 98 हजार रुपए
- लंबाई: 4.80 किलोमीटर
मंत्री ने कहा कि यह सड़क—
- क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करेगी
- ग्रामीणों के आवागमन को आसान बनाएगी
- विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी
साथ ही जल निकासी सुधार के लिए पुलिया निर्माण कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया।
सोरगांव और छोटेअलनार में सामुदायिक ढांचे मजबूत
सोरगांव क्लस्टर में 30 लाख 38 हजार रुपए की लागत से—
- केशरपाल में सांस्कृतिक भवन
- नयागुड़ापारा में सांस्कृतिक मंच
- कुच्चीगुड़ा में सामुदायिक भवन
- बनियागांव में हाई मास्क लाइट
के कार्य स्वीकृत किए गए।
वहीं छोटेअलनार में—
- 50 लाख 50 हजार रुपए की लागत से
- धवड़ागुड़ा
- मांझीपारा
- टेमरुगुड़ा
में सामुदायिक भवनों का निर्माण प्रारंभ किया गया।
पेयजल और पुलिया निर्माण पर भी ध्यान
ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए—
- ग्राम पंचायत छोटेअलनार को
- पानी टैंकर प्रदान किया गया
- देवड़ा और तारागांव में
- पुलिया निर्माण
का भूमिपूजन किया गया
- पुलिया निर्माण
इससे पेयजल संकट और आवागमन की समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
फरसागुड़ा से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत फरसागुड़ा से हुई, जहां—
- 17 लाख 90 हजार रुपए की लागत से
- आंगनबाड़ी केंद्र में अहाता निर्माण
- शिवगुड़ी तालाब के पास मंडली भवन
- भानपुरी में माता मंदिर के पास पुलिया
के कार्यों का शुभारंभ किया गया।
संस्कृति संरक्षण पर मंत्री का जोर
मंत्री केदार कश्यप ने कहा—
“आदिवासी संस्कृति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सांस्कृतिक और सामुदायिक भवनों की बड़ी भूमिका है।”
उन्होंने बताया कि इन भवनों से—
- सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
- परंपराओं का संरक्षण होगा
- ग्रामीण समाज को एकजुटता मिलेगी
समयसीमा में पूर्ण होंगे सभी कार्य
कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने भरोसा दिलाया कि—
- सभी स्वीकृत बस्तर विकास कार्य
- निर्धारित समयसीमा में
- गुणवत्ता के साथ
पूरे किए जाएंगे, ताकि ग्रामीणों को शीघ्र लाभ मिल सके।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी
कार्यक्रम में—
- जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप
- जनपद पंचायत अध्यक्ष संतोष बघेल
- जिला पंचायत सदस्य निर्देश दीवान
- विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी
- और बड़ी संख्या में ग्रामीण
उपस्थित रहे।