अखबार वाचन
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रायपुर।
सरगुजा जिले के विकासखंड प्रेमनगर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड ने शिक्षा को नई दिशा देने वाली एक अभिनव पहल शुरू की है। अब विद्यालय की प्रार्थना सभा में केवल प्रार्थना और अनुशासन नहीं, बल्कि अखबार वाचन की गूंज सुनाई देगी। विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में समाचार पत्र पढ़ने को शामिल कर शिक्षा को पुस्तकों से आगे जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
क्यों जरूरी है अखबार पढ़ना?
छात्रों के लिए प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ना कई मायनों में फायदेमंद है:
- समसामयिक घटनाओं की जानकारी मिलती है
- भाषा और शब्दावली मजबूत होती है
- पढ़ने और लिखने की क्षमता विकसित होती है
- सोचने और तर्क करने की आदत बनती है
- आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल बढ़ता है
आज के दौर में जहां मोबाइल स्क्रीन टाइम तेजी से बढ़ रहा है, वहां पठन संस्कृति को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में यह पहल एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कैसे होगी नई शुरुआत?
विद्यालय में अब:
- प्रतिदिन प्रार्थना सभा में छात्र अखबार की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे
- देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों पर चर्चा होगी
- सप्ताह में एक दिन संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन कराया जाएगा
- समूह चर्चा के माध्यम से संवाद कौशल विकसित किया जाएगा
सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल के अनुसार, यह पहल बच्चों को केवल परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।
शिक्षा में बदलाव की ओर कदम
इस नवाचार से:
- परीक्षा-केंद्रित शिक्षा को ज्ञान-केंद्रित शिक्षा में बदलने की कोशिश
- विद्यार्थियों में जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की प्रवृत्ति को बढ़ावा
- नैतिक मूल्यों और सामाजिक समझ का विकास
अब प्रार्थना सभा केवल एक औपचारिक गतिविधि नहीं रहेगी, बल्कि जागरूकता की पाठशाला बनेगी।
क्षेत्र में मिल रही सराहना
विद्यालय की इस पहल की स्थानीय स्तर पर काफी प्रशंसा हो रही है। अभिभावकों और शिक्षा जगत के लोगों का मानना है कि यदि अन्य विद्यालय भी इस मॉडल को अपनाएं, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।