Nipah Virus भारत
भारत के पश्चिम बंगाल में हाल ही में निपाह वायरस (Nipah Virus) के 5 मामले सामने आए हैं, जिनमें डॉक्टर और नर्स भी शामिल हैं। एक मरीज की हालत नाजुक बताई जा रही है और लगभग 100 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा गया है।
हालांकि निपाह वायरस नया नहीं है, लेकिन यह बहुत खतरनाक माना जाता है। इसके लिए अभी तक कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है। यह जूनोटिक संक्रमण है, यानी जानवरों से इंसानों में फैलता है और कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। मृत्यु दर लगभग 75% है।
📌 निपाह वायरस क्या है?
- निपाह वायरस फल खाने वाले चमगादड़ से फैलता है।
- अगर चमगादड़ की लार या मल से दूषित फल खा लिया जाए, तो संक्रमण हो सकता है।
- वायरस इंसान से इंसान और सूअर से इंसान में भी फैल सकता है।
- सबसे पहले 1999 में मलेशिया में केस आए थे और भारत में भी कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
- WHO ने इसे हाई-रिस्क पैथोजन घोषित किया है।
⚠️ निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण
निपाह वायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं, जिन्हें लोग अक्सर इग्नोर कर देते हैं। लेकिन ये गंभीर रूप ले सकते हैं और जानलेवा साबित हो सकते हैं।
- तेज बुखार और सिरदर्द
- उल्टी या मतली
- गले में दर्द
- सांस लेने में तकलीफ या फूलना
- चक्कर आना, बेहोशी, दिमाग में सूजन, भ्रम या दौरे (एन्सेफलाइटिस)
शुरुआती लक्षण नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
🛡️ बचाव के तरीके
- कटे हुए फल खाने से बचें, फलों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं।
- हाथ साफ करें और खाने से पहले अच्छे से धोएं।
- गुनगुना पानी पिएं जिससे इंफेक्शन का खतरा कम हो।
- बीमार या मृत जानवरों के पास न जाएँ।
- खुले में रखी चीज़ें खाने या पीने से बचें।
- बुखार या संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।
📝 सारांश
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| संक्रमण का स्रोत | चमगादड़, सूअर |
| संक्रमण का तरीका | जानवर से इंसान, इंसान से इंसान |
| शुरुआती लक्षण | बुखार, सिरदर्द, उल्टी, गले में दर्द, सांस में तकलीफ, चक्कर |
| मृत्यु दर | लगभग 75% |
| वैक्सीन/इलाज | फिलहाल नहीं |
| बचाव | फल धोकर खाएं, हाथ साफ रखें, बीमार जानवरों से दूर रहें |