नई दिल्ली. वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश होने से पहले ही मोदी सरकार को गुड न्यूज मिली है। बिहार सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने इस बिल के समर्थन का ऐलान कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने बिल के समर्थन की बात कही है। उन्होंने खुलकर कहा कि जेडीयू के सभी 12 सांसद वोटिंग के दौरान बिल का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘वक्फ बिल गरीब मुसलमानों के हित में है। हम इसका समर्थन करेंगे।’ संजय झा ने कहा कि बहुत सारे लोग कई दलों के प्रभाव में आकर काम करते हैं। हमने कभी भावनाओं को भड़काकर राजनीति नहीं की है। हमने अपनी चिंताएं केंद्र सरकार के समक्ष रखी थी और उन्हें शामिल किया गया है। संजय झा ने कहा कि हमारे सभी 12 सांसद बिल का समर्थन करेंगे।
संजय झा ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल में यही कहा जा रहा है कि वक्फ की संपत्ति का इस्तेमाल उसी के लिए हो, जिसके लिए वह है। मुसलमानों की संपत्ति को हड़पने जैसी कोई बात नहीं है। उनकी संपत्ति उनकी ही रहेगी। बस गरीब मुसलमानों के हित में इसे लगाने का प्रयास है। जेडीयू लीडर ने कहा कि वक्फ की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बिल जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों और ट्रस्ट बोर्ड में गैर-हिंदुओं को शामिल नहीं किया जाता है, लेकिन वक्फ में गैर-मुस्लिमों को एंट्री क्यों दी जाएगी। इस पर संजय झा ने कहा कि बिल आने पर हम हर विषय का अध्ययन करेंगे। हमारे सामने मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सारी बातें रखी थीं और फिर हमने सरकार से मसला रखा। हमें सरकार से जानकारी मिली है कि उन चिंताओं को दूर करते हुए बिल का नया ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जो हमने रखी थीं।
बुधवार को लोकसभा में विधेयक पेश होने के बाद इसे गुरुवार को राज्यसभा में भी पेश किया जाएगा। अब तक के आंकड़ों के अनुसार एनडीए के पास लोकसभा में 296 सांसदों का समर्थन है। इसके अलावा कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के पास 234 सांसद हैं और अन्य 12 हैं। विपक्ष को उम्मीद है कि यदि लोकसभा में विधेयक को नहीं रोक पाए तो भी राज्यसभा में टाइट फाइट हो सकेगी। भाजपा ने फिलहाल लोकसभा में सुधांशु त्रिवेदी समेत 11 सांसदों को वक्ता के तौर पर तय किया है। इस बीच असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का कहना है कि मुस्लिमों पर वक्फ बिल को थोपा गया तो पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन होगा।
वक्फ बिल पर जगदंबिका पाल ने कहा कि राहुल गांधी को पहले यह बिल पढ़ लेना चाहिए। उनकी तो आदत बिल को पढ़े बिना ही फाड़ देने की रही है। उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मुसलमानों की संपत्ति को हथिया लिया जाएगा। ऐसा कुछ भी नहीं होना है बल्कि गरीब मुसलमानों की मदद की जाएगी। अब तक वक्फ संपत्ति का फायदा मुतवल्ली यानी केयरटेकर को ही मिलता था। अब इसका लाभ पसमांदा मुसलमानों, महिलाओं और छात्रों को मिलेगा।