एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलेपमेंट कॉरपोरेशन) ने 2030 तक अपनी लौह अयस्क उत्पादन क्षमता को दोगुना करके 100 मिलियन टन (एमटी) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025 में 2,200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे घरेलू लौह अयस्क बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी 20% से बढ़कर 25% तक पहुंचने की उम्मीद है।
एनएमडीसी की नई रणनीति में निम्नलिखित प्रमुख पहल शामिल हैं:
- 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन का निर्माण
- नए पेलेट और बेनिफिशियेशन संयंत्रों की स्थापना
- स्लाइम्स और टेलिंग्स के कुशल उपयोग के लिए नई तकनीकों का समावेश
ये पहल कंपनी की प्रसंस्करण क्षमता और उत्पाद की गुणवत्ता को बढ़ाएंगी। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के तहत, एनएमडीसी ने एससीएडीए और ईआरपी सिस्टम को एकीकृत किया है, जिससे संचालन की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार हुआ है।
एनएमडीसी का यह प्रयास भारत के इस्पात और खनिज क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के सरकारी लक्ष्यों के अनुरूप है।