एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (एनएसएल) का प्रभावशाली प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही तक 2.1 लाख टन हॉट मेटल और 1.5 लाख टन एचआर कॉइल उत्पादन का लक्ष्य*

हैदराबाद, 24 सितंबर, 2024: एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (एनएसएल), जो भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय के अधीन एक सरकारी कंपनी है, ने 24 सितंबर, 2024 को अपनी 9वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन किया। यह बैठक एनएमडीसी के हैदराबाद स्थित मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें एनएसएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) श्री अमिताभ मुखर्जी ने कंपनी के अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ भाग लिया। बैठक में कंपनी के वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रभावशाली प्रदर्शन और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया, साथ ही भविष्य की योजनाओं और लक्ष्यों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर श्री अमिताभ मुखर्जी ने एनएसएल के महत्वपूर्ण परिचालन मील के पत्थरों को साझा किया। उन्होंने कहा, “12 अगस्त, 2023 को कंपनी ने अपने ब्लास्ट फर्नेस से पहला हॉट मेटल प्राप्त किया और मात्र तीन दिनों के भीतर 15 अगस्त, 2023 को हॉट मेटल का उत्पादन शुरू किया। इसके ठीक नौ दिनों के बाद, 24 अगस्त, 2023 को एनएमडीसी स्टील लिमिटेड ने अपना अंतिम उत्पाद – एचआर कॉइल का उत्पादन शुरू कर दिया।”

मुखर्जी ने इस बात पर जोर दिया कि एनएसएल ने रिकार्ड समय में उत्पादन लक्ष्यों को हासिल किया है। केवल 226 दिनों के भीतर, कंपनी ने 1 मिलियन टन हॉट मेटल का संचयी उत्पादन हासिल किया। इसके एक साल बाद, 21 जुलाई, 2024 तक, एनएसएल ने अपने ब्लास्ट फर्नेस से 1.5 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन कर लिया। इसके अतिरिक्त, 11 अगस्त, 2024 को कंपनी ने 1 मिलियन टन तरल इस्पात उत्पादन का भी आंकड़ा पार कर लिया। 20 अगस्त, 2024 को कंपनी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जब एनएसएल ने कमीशनिंग के एक साल के भीतर 1 मिलियन टन एचआर कॉइल का उत्पादन पूरा कर लिया।

इस्पात उद्योग का वैश्विक परिदृश्य
कंपनी की एजीएम में वैश्विक इस्पात उद्योग के बदलते परिदृश्य पर भी चर्चा की गई। विश्व स्तर पर, इस्पात उत्पादन में 2023 में केवल 0.4% की मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जिससे उत्पादन 1.892 बिलियन टन तक पहुंच गया। चीन के इस्पात उत्पादन में स्थिरता देखी गई, खासकर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों के कारण। दूसरी ओर, भारत में इस्पात उत्पादन में 12% की वृद्धि हुई, जो 140 मिलियन टन तक पहुंच गया। भारत की राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017 के तहत, देश का लक्ष्य 2030 तक 255 मिलियन टन कच्चे इस्पात का उत्पादन करना है, जिसका प्रमुख हिस्सा ब्लास्ट फर्नेस-बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीएफ-बीओएफ) प्रक्रिया से आएगा।

वित्त वर्ष 2023-24 में, भारत में तैयार स्टील की खपत में 14% की वृद्धि देखी गई, जिससे यह 136 मिलियन टन तक पहुंच गई। निर्माण और बुनियादी ढांचे जैसे प्रमुख क्षेत्रों में स्टील की मांग बढ़ रही है, जिसे भारत सरकार की मेक इन इंडिया और गति शक्ति मास्टर प्लान जैसी पहलों से समर्थन मिल रहा है।

उत्पादन और वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2023-24 में एनएमडीसी स्टील लिमिटेड ने अपनी उत्पादन क्षमता को लगातार बढ़ाया है। कंपनी ने संचालन के केवल सात महीनों में 4.94 लाख टन हॉट रोल्ड कॉइल का उत्पादन किया, जो कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन सात महीनों में एनएसएल ने 3.52 लाख टन एचआर कॉइल की बिक्री की, जिससे उसे 3,049 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। हालांकि, इस अवधि में कंपनी को 1,226 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय के साथ 2,201 करोड़ रुपये का शुद्ध नुकसान भी हुआ।

अगस्त 2024 में, एनएमडीसी स्टील लिमिटेड ने अपना अब तक का सबसे अधिक मासिक उत्पादन दर्ज किया। कंपनी ने इस महीने में 1.7 लाख टन हॉट मेटल, 1.3 लाख टन लिक्विड स्टील और 1.25 लाख टन एचआर कॉइल का उत्पादन किया। इसके अलावा, एनएसएल ने विशेष इस्पात बाजार में भी प्रवेश किया, जो इसे प्रतिस्पर्धी बाजार में और मजबूत बनाएगा।

कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने आने वाले वर्ष के लिए कंपनी की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा किया। उन्होंने कहा, “हमारे लक्ष्य स्पष्ट हैं। एनएसएल वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही तक हर महीने 2.1 लाख टन हॉट मेटल और 1.5 लाख टन एचआर कॉइल के उत्पादन की राह पर है। कंपनी ब्रेक-ईवन स्थिति के काफी करीब है और आने वाले समय में मुनाफे की ओर बढ़ने की उम्मीद कर रही है।”

दीर्घकालिक विकास की प्रतिबद्धता
एनएमडीसी स्टील लिमिटेड केवल उत्पादन में ही नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी प्रतिबद्ध है। कंपनी दीर्घकालिक विकास और सामुदायिक सेवा के प्रति समर्पित है। अपने संचालन के साथ-साथ एनएसएल स्थानीय समुदायों के विकास में योगदान देने के लिए भी प्रयासरत है। इसके अलावा, कंपनी पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए स्थायी प्रथाओं को अपनाने पर जोर दे रही है।

श्री मुखर्जी ने यह भी कहा, “हम एनएसएल में न केवल उत्पादन उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, बल्कि नवाचार, स्थिरता और नवीकरणीय विकास को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। हमारे सभी हितधारकों के लिए हम निरंतर सुधार और मूल्य सृजन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हम भारत सरकार और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के निरंतर समर्थन के लिए आभारी हैं।”

निष्कर्ष
एनएमडीसी स्टील लिमिटेड ने अपने पहले वर्ष में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और कंपनी भविष्य में और भी अधिक उत्पादन और वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में बढ़ रही है। 2023-24 में हासिल की गई उपलब्धियों के बाद, कंपनी अब वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही तक 2.1 लाख टन हॉट मेटल और 1.5 लाख टन एचआर कॉइल के निरंतर उत्पादन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। एनएसएल की दीर्घकालिक योजनाएं इसे भारतीय इस्पात उद्योग में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार हैं।

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