अगर आप नोएडा में कोई संपत्ति खरीदना चाहते हैं और उसके लिए आपने प्राधिकरण से टीएम (ट्रांसफर मेमोरेंडम) का शुल्क जमा कर प्रक्रिया पूरी कर ली है तो वह अब वापस नहीं होगी। नोएडा प्राधिकरण ने इसको वापस करने पर रोक लगा दी है।
नोएडा में लीज रेंट संपत्ति है। अगर नोएडा प्राधिकरण की कोई संपत्ति दूसरी, तीसरी या इससे अधिक बार बिकती है तो प्राधिकरण उसका टीएम शुल्क लेता है। आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत समेत हर तरह की संपत्ति के लिए यह अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। यह शुल्क संपत्ति की कुल कीमत का दो से लेकर साढ़े तीन प्रतिशत तक है।
नियम के तहत टीएम के लिए जमा पैसे में 10 प्रतिशत राशि काटकर बाकी वापस करने का प्रावधान है। अधिकारियों ने बताया कि अब राशि वापस करने के नियम को समाप्त कर दिया गया है। अब पूरी राशि जब्त हो जाएगी।
नए नोएडा में भूखंड योजना लाने के लिए खाका तैयार
वहीं, नए नोएडा में जमीन अधिग्रहण के बाद सबसे पहले औद्योगिक और लॉजिस्टिक भूखंड की योजना आएगी। ये भूखंड सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास होंगे। नोएडा प्राधिकरण ने अस्थायी दफ्तर की जगह तलाशने के बाद योजना लाने का खाका तैयार कर लिया है। नियोजन विभाग की एक टीम अलग से नए नोएडा के लिए लगाई गई है।
अधिकारियों ने बताया कि मौके की जरूरत के लिहाज से औद्योगिक और लॉजिस्टिक उपयोग के लिए पहली योजना लाने का फैसला लिया गया है। अस्थायी दफ्तर और बुनियादी विकास के साथ ही स्कीम लॉन्च कर दी जाएगी। इस तरह निवेश आने के साथ विकास शुरू होगा। नए नोएडा को निवेश क्षेत्र की तरह ही विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण का प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा निवेश आए। इसके लिए कवायद की जा रही है।