कोलकाता कांड के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर एनटीएफ गठित की है. नेशनल टास्क फोर्स को दो महीने के अंदर सुप्रीम कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट देनी है.
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर की दरिंदगी के बाद हत्या से उपजे आक्रोश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों और मेडिकल प्रोफेशनल्स की सुरक्षा के लिए नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया है. इसमें सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल कम्यूनिटी से जुड़े लोगों को शामिल किया है. साथ ही एक्शन प्लान को तय समय सीमा के अंदर लागू करवाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से भी हेल्थ सेक्रेटरी, कैबिनेट सेक्रेटरी, नेशनल मेडिकल काउंसिल के चेयरमैन, प्रेसिडेंट नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन आदि को भी सदस्य बनाया गया है. ऐसे में सवाल है कि यह टास्क फोर्स क्या काम करेगी? और क्या अब डॉक्टर सुरक्षित हो पाएंगे? इसे लेकर एनटीएफ के सदस्य डॉ. सौमित्र रावत ने News18hindi से विस्तार से बातचीत की हैं.
इस 14 सदस्यीय नेशनल टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. सौमित्र रावत, सर्जिकल गैस्ट्रो एंड लिवर ट्रांसप्लांट चेयरमैन, सर गंगाराम अस्पताल, नई दिल्ली ने कहा, ‘जो टास्क फोर्स बनी है, उसमें हमें दो चीजों को सुनिश्चित करना है. पहली है मेडिकल प्रोफेशनल्स की सुरक्षा. यानि मेडिकल प्रोफेशनल्स के खिलाफ होने वाली हिंसा से उनका बचाव करना और दूसरी चीज है डॉक्टर्स, ट्रेनिंग डॉक्टर्स, रेजिडेंट्स, नर्सेज और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स के काम करने के लिए बेहतर और सुरक्षित स्थितियों का होना.