गाजियाबाद में अब हिंदू संगठनों ने किया महापंचायत का ऐलान, धारा 163 लागू

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पैगंबर मोहम्मद साहब पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद से लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। एक तरफ जहां मुस्लिम समाज आरोपी यति नरसिंहानंद की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित है तो दूसरी तरफ डासना देवी मंदिर पर हमले का दावा करते हुए हिंदू संगठन भी बार-बार सड़कों पर उतर रहे हैं। 13 अक्टूबर को महापंचायत का ऐलान किया गया है। वहीं, पुलिस ने कहा है कि पूरे गाजियाबाद जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू है और इसके लिए अनुमति नहीं दी गई है।

महापंचायत को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। ‘चलो डासना’ का नारा देते हुए कहा गया है कि शिवशक्ति धाम की सुरक्षा की रूपरेखा तैयार करने के लिए हिंदू समाज की सभी 36 बिरादरियों की महापंचायत बुलाई गई है। शिवशक्ति धाम डासना में 13 अक्टूबर को सुबह 10 बजे महापंचायत का आयोजन करने की बात कही गई है। वहीं, गाजियायबाद पुलिस ने कहा है कि संपूर्ण गाजियाबाद में धारा 163 बीएनएस की निषेधाज्ञा लागू है और इस तरह के किसी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी गई है। बीएनएस की धारा 163 लागू होने पर पांच या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने की इजाजत नहीं होती है।

यति नरसिंहानंद के विवादित बयान के विरोध में सोमवार सुबह दिल्ली से आए लोगों ने यूपी गेट पर प्रदर्शन किया। वर्ल्ड पीस हारमनी संगठन के आह्वान पर आए करीब 100 लोगों ने कलेक्ट्रेट जाने से रोकने पर नारेबाजी की। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ज्ञापन देकर लौट गए। वहीं, हंगामे के कारण सुबह 10 से 11 बजे के बीच एक घंटे तक जाम लगा रहा। प्रदर्शन के मामले में थाना कौशांबी में 91 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में अब तक विभिन्न थानों में 16 केस दर्ज किए जा चुके हैं। जबकि 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा चुका है। सर्वाधिक पांच केस वेवसिटी थाने में दर्ज किए गए हैं। डासना देवी मंदिर के बाहर पथराव करने की घटना में वेव सिटी पुलिस ने मंगलवार को खारी कुआं डासना निवासी रियाज और डासना के मोहल्ला कुरैशियान निवासी रिजवान को गिरफ्तार कर जेल भेजा।

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