नई दिल्ली. एजबेस्टन में भारत के इतिहास को लेकर टीम इंडिया को ताना मारने वाले ब्रिटेन के पत्रकार ने अब शुभमन गिल को कुछ भी ऐसा नहीं कहने की कसम खाई है जो उन्हें ‘मॉटिवेट’ करे। बीबीसी के क्रिकेट जर्नलिस्ट जो विल्सन ने एजबेस्टन टेस्ट से पहले ताना मारने के अंदाज में गिल को उस मैदान में भारत के बहुत ही खराब रिकॉर्ड की याद दिलाई थी। जब भारत ने एजबेस्टन टेस्ट 336 रन से जीत लिया तब भारतीय कप्तान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही पूछ लिया कि मेरे पसंदीदा पत्रकार नहीं दिख रहे। कहां गए?
गिल के सार्वजनिक तौर पर ट्रोल किए जाने के बाद विल्सन ने रेव स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा कि वह अब कभी भी ऐसा कुछ नहीं कहेंगे जो गिल को मॉटिवेट करे। अनुभवी पत्रकार ने कहा कि उनके सवाल ने संभवतः शुभमन गिल को दूसरे टेस्ट के लिए प्रेरित किया होगा। उन्होंने आगे कहा, ‘मैं उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं कहूंगा जो उन्हें प्रेरित करे।’
विल्सन से जब पूछा गया कि क्या वह लॉर्ड्स में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट से पहले अपने प्रश्न में बदलाव करेंगे तो उनका जवाब था, ‘मैं समझता हूं कि वह असली जेंटलमैन हैं। उन्होंने हर प्रश्न का मर्यादा और चतुराई से जवाब दिया। वह अपनी टीम का हर डिपार्टमेंट में बहुत बढ़िया नेतृत्व कर रहे हैं, खासकर मीडिया में।’
विल्सन ने माना कि कई बार आंकड़े सही तस्वीर नहीं पेश करते। वे गुमराह करने वाले भी हो सकते है क्योंकि वे अलग-अलग समय और पीढ़ियों से जुड़े होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘कप्तान ने जो कहा वह बहुत ही वाजिब है। अगर आप 1970 के दशक की ओर देखें और यहां तक कि 1980 के दशक को भी देखें तो भारतीय टेस्ट टीम के बारे में यहां बहुत ही अलग तरह का नजरिया था। तब वे विदेश आते थे और कभी भी जीत की उम्मीद नहीं करते थे। लेकिन अब वे जीतते हैं। हो सकता है कि उसके दिमाग में वहीं आंकड़े घूम रहे हों या हो सकता है कि वह एक प्रेरणा का काम किया हो क्योंकि हम लोग तो लगभग गिनती ही भूल गए कि शुभमन ने खुद कितने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इंग्लैंड के कोच के लिए अब नंबर वन सवाल यही है कि शुभमन को कैसे आउट किया जाए।’