नगरनार. नगरनार स्टील लिमिटेड यानी एनएसएल ने 13 और 14 अप्रैल 2025 को उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करते हुए प्रतिदिन उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित किए। कंपनी की प्रमुख इकाइयों ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया, जिससे न केवल संयंत्र की संचालन क्षमता की उत्कृष्टता सामने आई, बल्कि भारत के इस्पात क्षेत्र में एनएसएल की बढ़ती ताकत भी स्पष्ट हुई।

13 अप्रैल को एनएसएल के ब्लास्ट फर्नेस ने एक ही दिन में 10,169 टन हॉट मेटल का उत्पादन कर डाला—जो कि इसकी डिजाइन की गई अधिकतम क्षमता से भी ज्यादा है। यह फर्नेस अगस्त 2023 में शुरू हुई थी और इसकी उपयोगी मात्रा 4,506 क्यूबिक मीटर है। यह औसतन 9,500 टीपीडी उत्पादन के लिए डिजाइन की गई थी, लेकिन एनएसएल की टीम ने सिर्फ दो वर्षों के भीतर ही 9,900 टीपीडी की रेटेड पीक और 2.2 टन प्रति घन मीटर प्रति दिन के डिजाइन आंकड़ों को पार कर दिखाया।
इसके अगले ही दिन यानी 14 अप्रैल को भी एनएसएल ने एक के बाद एक रिकॉर्ड बनाए।
- सिटर प्लांट ने 12,385 टन का अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया।
- हॉट स्ट्रिप मिल ने 8,260 टन एचआर कॉइल तैयार करके नया बेंचमार्क सेट किया।
- स्टील मेल्टिंग शॉप ने 47 हीट और 8,600 टन लिक्विड स्टील का प्रभावशाली उत्पादन किया।
- वहीं, थिन स्लैब कास्टर ने भी 8,477 टन लिक्विड स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया।
इन उपलब्धियों के मौके पर एनएमडीसी स्टील के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक श्री अमिताभ मुखर्जी ने कहा,
“एनएसएल का यह प्रदर्शन न केवल उत्पादन क्षमता का परिचायक है, बल्कि यह भारतीय इस्पात निर्माण की दिशा में हमारी निर्णायक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। स्टार्टअप के कुछ ही महीनों के भीतर डिजाइन क्षमताओं को पार करना हमारी टीम की तकनीकी दक्षता और समर्पण को दर्शाता है।”
एनएसएल की ब्लास्ट फर्नेस अत्याधुनिक पल्वराइज़्ड कोल इंजेक्शन प्रणाली से लैस है, जो प्रति टन हॉट मेटल में 150 किलोग्राम कोयला इंजेक्ट करने में सक्षम है। कंपनी की ऑपरेशनल टीम ने इस सीमा से भी बेहतर इंजेक्शन दरें हासिल कर ली हैं, जिससे कोक पर निर्भरता घटी है और ग्रीन स्टील की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
कई तरह की लॉजिस्टिक और तकनीकी बाधाओं के बावजूद, एनएसएल की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से संयंत्र को न केवल स्थिर किया, बल्कि उसे देश के प्रमुख स्टील उत्पादकों की श्रेणी में भी स्थापित कर दिया।
एनएसएल अब निरंतर नवाचार और उत्पादन उत्कृष्टता की दिशा में कार्य कर रहा है, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्टील नेतृत्व की दिशा में मजबूत कदम उठाए जा रहे हैं।