उत्तर प्रदेश के झांसी में नर्सिंग की एक 19 वर्षीया छात्रा ने खुद के ही अपहरण की साजिश रच डाली। अपने ही परिजनों से छह लाख रुपये फिरौती मांग ली। परिजनों की सूचना पर एक्टिव हुई पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया। छात्रा की इस हरकत के पीछे का कारण जानकर पुलिस और परिवार वाले हैरान रह गए। पता चला कि छात्रा ऑनलाइन गेमिंग के चक्कर में पड़ गई थी। इसमें लाखों रुपये गंवाने के बाद उसकी भरपाई के लिये खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची और अपने परिजनों से फिरौती मांगी। पुलिस ने छात्रा और उसके चार दोस्तों को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है।
टोड़ी फतेहपुर के नजरगंज मोहल्ले की नंदनी पुत्री बबलू रैकवार नर्सिंग की छात्रा है। सोमवार को वह टोड़ीफतेहपुर से झांसी आने के लिए बस में सवार हुई मगर वह झांसी नहीं पहुंची। नंदनी के पिता बबलू ने पुलिस को बताया था कि उसके मोबाइल पर अपहरणकर्ताओं ने छह लाख की फिरौती मांगी थी। साथ ही बंधक बनाकर रखी बेटी की फोटो व वीडियो शेयर किए।
पुलिस ने बबलू की तहरीर पर मामला दर्ज कर करते हुए जांच शुरू कर दी। एसएसपी ने अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कर दीं। टीमों ने सर्विलांस के आधार पर फिरौती की रकम मांगने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस कर तीन युवकों को पहले पकड़ा। इसके बाद नोएडा पहुंचकर युवती और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी सुधा सिंह ने बताया कि नर्सिंग छात्रा ऑनलाइन गेमिंग (गो-डेडी सहित अन्य गेम) में करीब दो से ढाई लाख रुपये कर्ज लेकर हार चुकी थी।
रुपये वापस करने के लिए दोस्तों व अन्य लोगों का दबाव पड़ने पर छात्रा ने खुद के अपहरण की साजिश रची और इसमें अपने चार दोस्तों को शामिल कर लिया। दोस्तों ने फोन कर नंदनी के अपहरण की बात कहते हुए छह लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने छात्रा व उसके चार साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।