सऊदी अरब के किंग सलमान ने देश के सभी मुसलमानों से अपील की है कि वे गुरुवार को बारिश के लिए प्रार्थना करें। उन्होंने कहा कि जो लोग भी प्रार्थना कर सकते हैं, उन सभी को अल्लाह से दुआ मांगनी चाहिए कि वह बारिश करे। सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा कि देश में सूखे की स्थिति है और पानी की बहुत ज्यादा कमी हो गई है। इसलिए बारिश होगी तो सभी को राहत मिलेगी और हमें इसके लिए दुआ मांगनी चाहिए। उन्होंने सऊदी अरब के मुसलमानों से अपील की है कि वे बारिश के लिए होने वाली प्रार्थना का हिस्सा बनें। सऊदी किंग ने कहा कि सभी को पैगंबर साहब की परंपरा को बनाए रखते हुए इस प्रार्थना में शामिल होना चाहिए।
दरअसल इस्लाम की परंपरा में ऐसे कई उदाहरण आते हैं, जब पैगंबर मोहम्मद ने भी बारिश के लिए प्रार्थना की थी। तब से ही इसकी परंपरा चली आ रही है। इस्लाम में बारिश के लिए की जाने वाली प्रार्थना को सलात-उल-इसतसका कहा जाता है। सुन्नी मुसलमानों में इसकी काफी परंपरा रही है। आमतौर पर सऊदी अरब एवं अन्य देशों में सूखा या फिर कम बारिश होने की स्थिति में ऐसी प्रार्थना की जाती है। कहा जाता है कि पैगंबर मोहम्मद ने भी कई बार पानी की कमी को देखते हुए ऐसी प्रार्थना की थी और फिर बारिश हुई थी। तब से ही बारिश के लिए प्रार्थना करने की मान्यता चली आ रही है।
यह प्रार्थना सुबह के वक्त की जाती है और आमतौर पर मस्जिद के बाहर खुले स्थान पर इसका आयोजन होता है। इस प्रार्थना का नेतृत्व इमाम करते हैं और वह कुछ आयतें भी पढ़ते हैं। इसतसका का अर्थ पानी की मांग करने से है। बता दें कि बारिश के लिए प्रार्थना करने की मान्यता दुनिया भर के अलग-अलग पंथों में हैं। ईसाइयत में भी बारिश के लिए जीसस से प्रार्थना करने का रिवाज रहा है। इसके अलावा अन्य धर्मों में भी ऐसी ही मान्यताएं पाई जाती हैं। गौरतलब है कि सऊदी अरब में पानी की किल्लत एक आम समस्या है और साल के कुछ महीने ऐसे होते हैं, जब यह बढ़ जाती है।