यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-22एफ और 23बी में ओलंपिक विलेज और ओलंपिक पार्क को विकसित करने की बाधा दूर हो गई है। इन दो सेक्टरों में ओलंपिक में शामिल सभी 22 खेलों के लिए सुविधाएं विकसित होंगी, इसके लिए मास्टर प्लान 2041 में मंजूरी मिल गई है। भविष्य में भारत यमुना सिटी में ओलंपिक खेल महोत्सव की मेजबानी कर सकेगा।
प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि यमुना सिटी को विश्वस्तरीय शहर बनाने की तैयारी है। यहां पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंटरनेशनल फिल्म सिटी के अलावा ओलंपिक विलेज और ओलंपिक सिटी भी बसाई जाएगी। इसके लिए दो सेक्टरों का निर्धारण कर लिया गया है। हालांकि, इस परियोजना पर पहले से काम चल रहा था, लेकिन मास्टर प्लान को मंजूरी न मिलने के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार ओलंपिक विलेज एवं सिटी के लिए पहले सेक्टर-22 में 442 हेक्टेयर जमीन आरक्षित की गई थी। अब इसे और भी अधिक विस्तार दिया जाना तय माना जा रहा है। अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं वाली इस विलेज में ओलंपिक में खेले जाने वाले विभिन्न 22 खेलों के लिए स्टेडियम बनेंगे। इसे बनने के बाद भारत जहां ओलंपिक जैसे खेलों की मेजबानी करने वाले देशों में शुमार हो जाएगा, वहीं देश के खिलाड़ियों और अन्य खेल प्रेमियों को भी अपने खेल व कौशल को निखारने के लिए बड़ा मंच मिल सकेगा।
ओलंपिक विलेज में स्टेडियम के अलावा स्पोर्ट्स क्लब, कोचिंग सेंटर, कन्वेंशन सेंटर, थीम पार्क, मॉल, प्लाजा, थीम पार्क आदि विकसित किए जाएंगे ताकि खिलाड़ियों को एक छत के नीचे सारी जगह सारी सुविधाएं मिल सकें। ओलंपिक का आयोजन कराने के लिए एक जगह खेलों के स्टेडियम होने जरूरी हैं।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ओलंपिक विलेज को 52 हेक्टेयर में विकसित करने की संभावना है। इसमें 5000 घर बनाए जाएंगे, ताकि यहां विभिन्न देशों से आने वाले खिलाड़ी ठहर सकें और उन्हें वर्ल्ड क्लास सुविधाओं का अनुभव प्रदान हो सके।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने कहा, ‘ओलंपिक विलेज और ओलंपिक सिटी को विकसित करने की बाधा दूर हो गई है। अब प्राधिकरण इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।’