छठ पूजा पर जरूर सुनें ये 6 सुपरहिट गीत, छठी मैया की भक्ति में डूब जाएगा माहौल

छठ पूजा के महापर्व की शुरुआत हो चुकी है। सूर्य देव की आराधना को समर्पित ये पर्व पूरे चार दिनों तक बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। छठ पूजा एक धार्मिक त्यौहार है तो जाहिर है इन चार दिनों तक आपको भक्ति-भाव में डूबे हुए लोग दिखेंगे। घर से ले कर घाट तक हर जगह छठी मैया का नाम लेते लोगों की भीड़ उमड़ी दिखेगी। घर की सुख समृद्धि, संतान की लंबी आयु और अच्छे भविष्य की कामना लिए 36 घंटों का निर्जला व्रत रखती महिलाएं भी छठी माई का नाम लेती, उनका भजन गुनगुनाती हुई नजर आएंगी। इस भक्तिमय माहौल में और मिठास घोलने का काम करते हैं छठ से जुड़े कुछ गीत। आज हम आपके लिए छठी मैया से जुड़े स्पेशल 5 गीतों के लिरिक्स ले कर आए हैं, जिन्हें आप भी गुनगुना सकते हैं।

1) कांच ही बांस के बहंगिया

काँच ही बँस के बहँगिया, बहँगी लचकल जाए

बलमा, बनल छै कहरिया, बहँगी घाट पहुँचाए

काँच ही बँस के बहँगिया, बहँगी लचकल जाए

रहिया में पूछै बटोहिया, “बहँगी केकर जाए?”

आँधर छै तोय बटोहिया, बहँगी छठी माँई के जाए

छठी माई के होए छै बरतिया, सब अरग दैयले जाए

रहिया में पूछै बटोहिया, “बहँगी केकर जाए”?

आँधर छै तोय बटोहिया, बहँगी छठी माँई के जाए

छठी माई के होए छै बरतिया, सब अरग दैयले जाए

2) जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव लिरिक्स

जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव

जोड़े जोड़े फलवा सुरुज देव

शीतली बियरिया शीतल दूजे पनिया

कब देब देवता तू आके दर्शनिया

हां .! शीतली बियरिया शीतल दूजे पनिया

कब देब देवता तू आके दर्शनिया

जोड़े जोड़े सूपवा आदित देव

भुखली शरीरिया सजल शुभे मनवा

पुरुबे लागल बड़ुवे सबके ध्यानवा

हां .! भुखली शरीरिया सजल शुभे मनवा

पुरुबे लागल बड़ुवे सबके ध्यानवा

जोड़े जोड़े दउरा ऐ दीनानाथ

विनय बिहारी लिखले माई के भजनवा

गावेली पलक बेटी धई के ध्यानवा

विनय बिहारी लिखले माई के भजनवा

गावेली पलक बेटी धई के ध्यानवा

जोड़े जोड़े पियरी ऐ गंगा मईया

3) छठी मैया के ऊँची रे अररीया,

छठी मैया के ऊँची रे अररीया,

छठी मैया के ऊँची रे अररीया,

पेहनी ना कवन बाबू पियरीया,

ताही बसहर सुतेले कवन देव,

4) उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा

उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

बड़की पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

बाझिन पुकारें देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

अन्हरा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

निर्धन पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

कोढ़िया पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

लंगड़ा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

उगह हे सूरज देव भेल भिनसरवा,

अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो ।।

5) बबुआ जे रहिते त माई माई कहिते

बबुआ जे रहिते त माई माई कहिते

जय छठी माँ | जय छठी माँ ।

हां.. बबुआ जे रहिते त माई माई कहिते

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू ।

हमरा ला कुछऊ ना जुरल हो ।।

के लेके जाई हो माथ प दउरवा

बिलखी बिलखी रोवे घाटे बँझिनिया

घाटे कोशी भरती आदित्य नाम धरती

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू ।

हमरा ला कुछऊ ना जुरल हो ।।

भर दी गोदिया हमार मईया ।।

सभे बरत करता कोशिया के भरता

हंसी हंसी दुनिया हो कहता बझिनिया हो

अरुण बिहारी अरज करे दुवारी

अरजी ना तोहरा माँ जुरल हो

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू

दुनिया के ऐ छठी माई सब कुछ दिहलू ।

हमरा ला कुछऊ ना जुरल हो ।।

6) पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी

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