लेबनान में इजराइल के हमले में मारे गए हिजबुल्लाह चीफ नसरुल्लाह की मौत पर शिया समुदाय में गुस्से का माहौल है. लगातार दूसरे दिन भी मुरादाबाद के कुंदरकी कस्बे में लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया. इस मार्च में बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने नसरल्लाह की तस्वीरें हाथों में लेकर उनके समर्थन में नारे लगाए और उन्हें शहीद बताया.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हसन नसरुल्लाह ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और मजलूम फिलिस्तीनियों का साथ दिया था. उन्होंने इजराइल पर मासूम बच्चों और निहत्थे लोगों का खून बहाने का आरोप लगाया. मार्च निकाल रहे लोगों ने कहा कि नसरुल्लाह को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि उन्होंने मजलूमों के लिए अपनी जान दी है.
प्रदर्शन कर रहे लोगों के हाथों मे जो बैनर थे उसपर नसरल्लाह को शहीद लिखा गया था. प्रदर्शनकारियों ने कहा, हसन नसरुल्ला साहब हमारे बीच से जरूर जा चुके लेकिन हमारे दिल और जहन मे जिंदा थे हैं और रहेंगे.
कुंदरकी में शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च सादात मोहल्ले से होते हुए एक निर्धारित स्थान पर समाप्त हुआ. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्होंने इजराइल के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की. बता दें, मुरादाबाद के कुंदरकी कस्बे में जल्द ही उपचुनाव भी होने वाले हैं और ऐसे समय में शिया समुदाय का यह विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है.