मैनपाट महोत्सव 2026 का दूसरा दिन: अलका चंद्राकर–वैशाली रायकवार के सुरों ने रच दिया जादू, मेले और दंगल में उमड़ा जनसैलाब

मैनपाट महोत्सव 2026


छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ के नाम से मशहूर Mainpat में आयोजित मैनपाट महोत्सव 2026 का दूसरा दिन संगीत, संस्कृति और रोमांच से सराबोर रहा। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में लोकधुनों से लेकर बॉलीवुड गीतों तक, हर रंग ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।

प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे मैनपाट में जैसे ही शाम ढली, मंच पर सुरों का जादू शुरू हो गया और पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।


लोकसंगीत की मधुर सरिता में डूबा मैनपाट

कार्यक्रम की शुरुआत मशहूर छत्तीसगढ़ी लोकगायिका Alka Chandrakar की भक्तिमय जसगीत प्रस्तुति से हुई।

उनकी प्रस्तुति की खास बातें:

  • पारंपरिक जसगीत से आध्यात्मिक माहौल
  • ददरिया और सुवा गीतों पर झूमते दर्शक
  • लोकधुनों की सजीव और प्रभावशाली प्रस्तुति
  • छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

उनकी सुमधुर आवाज ने पूरे वातावरण को लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया।


बॉलीवुड धुनों पर थिरके कदम

इंडियन आइडल फेम Vaishali Raikwari ने मंच संभालते ही युवाओं में जोश भर दिया।

  • लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति
  • दमदार और ऊर्जावान गायन
  • दर्शकों की लगातार तालियां
  • युवाओं में खासा उत्साह

एक के बाद एक गीतों ने महफिल को यादगार बना दिया।


विविधता और प्रतिभा का अद्भुत संगम

जांजगीर-चांपा से आए शांति प्रतिमा डांस ग्रुप के ट्रांसजेंडर कलाकारों ने ‘नौ दुर्गा’ स्वरूप में भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की।

इसके अलावा स्थानीय कलाकारों—

  • आँचल मदलियार
  • मनप्रीत
  • दिलबाग सिंह
  • माही जायसवाल
  • हर्ष पूरी

ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।


शास्त्रीय और बाल प्रतिभाओं की झलक

Navin Government Music College Ambikapur की छात्राओं ने कत्थक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर शास्त्रीय कला की गरिमा को जीवंत किया।

वहीं स्कूली बच्चों ने गीत और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया।


मेले, बोटिंग और दंगल का रोमांच

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव स्थल पर सजा भव्य मेला आकर्षण का केंद्र रहा।

  • झूले और मनोरंजन गतिविधियां
  • पारंपरिक व्यंजन और फूड स्टॉल
  • स्थानीय हस्तशिल्प की दुकानों पर भीड़
  • बोटिंग का रोमांचक अनुभव

दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों के बीच हुए जोरदार मुकाबलों ने रोमांच बढ़ा दिया। हर दांव-पेच पर तालियों की गूंज सुनाई देती रही।


गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल हुए, जिससे पूरा मैनपाट उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।


मैनपाट महोत्सव 2026 का दूसरा दिन लोकपरंपरा, आधुनिक मनोरंजन और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। संगीत, नृत्य और रोमांच से सजी यह शाम लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रहेगी और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान देगी।

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