भाजपा नेता के खेत में अफीम की खेती का खुलासा, 7 एकड़ में मक्का के बीच फैली थी अवैध फसल

अफीम खेती


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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़ा अफीम खेती का मामला:
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़ा और चौंकाने वाला अफीम खेती का मामला सामने आया है, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह अवैध खेती जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के ग्राम समोदा के पास की जा रही थी, जहां करीब 7 एकड़ क्षेत्र में मक्का के बीच अफीम की फसल उगाई जा रही थी। यह भूमि शिवनाथ नदी के किनारे स्थित थी, जहां प्रशासन की टीम और पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की और अवैध खेती का पर्दाफाश किया।

कौन है जिम्मेदार?

इस मामले में दो भाजपा नेता विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार को हिरासत में लिया गया है। दोनों नेताओं का नाम सामने आने के बाद से मामला और भी विवादित हो गया है। पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह से ही इलाके में जांच में जुटी हुई थी, और कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और अफीम के पौधों का निरीक्षण किया।

अफीम की खेती की जांच प्रक्रिया:

इस अवैध खेती का पर्दाफाश होने के बाद, पुलिस और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अफीम के पौधों की गिनती की और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने जमीन का माप करना शुरू किया। ड्रोन की मदद से आसपास के क्षेत्रों में और अफीम की खेती हो रही है या नहीं, इसका सर्वे किया गया। एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की दो सदस्यीय टीम भी मौके पर पहुंची और उन्होंने खेत के दस्तावेज और अफीम के पौधों के सैंपल लिए।

यह अवैध खेती कब से चल रही थी?

पुलिस ने बताया कि यह अवैध अफीम खेती कई महीनों से चल रही थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह खेती लंबे समय से जारी थी। अधिकारियों ने पूरी जमीन और अफीम के पौधों का रिकार्ड तैयार किया है, ताकि आगे की कार्रवाई में कोई चूक न हो। इसके साथ ही भाजपा नेताओं के अलावा, इस अवैध खेती में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी:

प्रशासन और पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अवैध अफीम खेती में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की पूरी जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संबंधित अधिकारियों ने कहा कि जिले में आगे भी इस तरह के मामलों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।

समाप्ति:

यह मामला छत्तीसगढ़ में अफीम खेती के खिलाफ प्रशासन की सख्ती को साबित करता है। भाजपा नेताओं के नाम से जुड़ा यह मामला प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में है, और उम्मीद की जा रही है कि कड़ी जांच और कानूनी कार्रवाई के साथ यह अवैध खेती का बड़ा नेटवर्क ध्वस्त किया जाएगा।

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