स्पोर्ट्स डेस्क: आईपीएल का ऐसा कोई सीजन नहीं है, जहां कोई विवाद खड़ा ना हो। आईपीएल के लगभग हर सीजन में फिक्सिंग की बात होती ही है। ऐसे में ये दूसरी दफा है जब मुंबई इंडियंस पर फिक्सिंग का आरोप लगा है। इस बार मुंबई पर राजस्थान के खिलाफ मुकाबले में ये आरोप लगा है।
खास बात तो ये है कि इस सीजन पर इन दोनों ही टीमों पर फिक्सिंग का आरोप लग चुका है। हालांकि, साबित नहीं हुआ है। बीते गुरुवार को हुए मैच में लोगों का मानना है कि अंपायर ने मुंबई के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा की मदद की है। जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है।
दरअसल, यह विवाद राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच हुए मैच से जुड़ा है, जिसमें मुंबई के स्टार ओपनर रोहित शर्मा के रिव्यू लेने और फिर डीआरएस में नॉट आउट दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप लग रहे हैं कि अंपायरों ने मुंबई के पूर्व कप्तान की मदद की। मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा और रेयान रिकेल्टन ने शानदार शुरुआत की और शतकीय साझेदारी की। लेकिन ऐसा नहीं हो पाता अगर रोहित शर्मा को डीआरएस की मदद नहीं मिलती।
यह वाक्या पारी के दूसरे ओवर का है, जब बाएं हाथ के तेज गेंदबाज फजलहक फारूकी गेंदबाजी कर रहे थे। इस ओवर की पांचवीं गेंद रोहित के पैड पर लगी और अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। रोहित इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे और अपने साथी रिकलेटन से बात करने लगे। आखिरी समय में रोहित ने रिव्यू लेने का फैसला किया।
फिर थर्ड अंपायर ने बॉल ट्रैकिंग की मदद ली और बताया गया कि गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हुई थी, जिसके कारण आउट नहीं दिया जा सकता था। इसलिए मैदानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और रोहित शर्मा बच गए। इसके बाद उन्होंने 53 रनों की शानदार पारी खेली और रिकलेटन के साथ 116 रनों की साझेदारी की।
लेकिन, इसी दौरान बवाल मचा है। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अंपायर ने रोहित शर्मा की मदद की? डीआरएस के नियमों के मुताबिक, रिव्यू लेने के लिए 15 सेकंड का समय होता है। लेकिन जिस समय रोहित ने रिव्यू के लिए इशारा किया, उस समय टाइमर 0 सेकंड दिखा नजर आया। यूजर्स का मानना है कि 15 सेकंड पूरे हो चुके थे, ऐसे में रोहित की अपील को खारिज किया जाना चाहिए था।
दूसरा सवाल अंपायर के फैसले को लेकर था। बॉल ट्रैकिंग रिप्ले में दिख रहा था कि गेंद का कुछ हिस्सा स्टंप की लाइन पर था। ऐसे में कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इसे लेग स्टंप के बाहर पिच क्यों माना गया? हालांकि, इसमें कोई विवाद नहीं था, बल्कि नियम की समझ की कमी थी। कमेंटेटर दीप दास गुप्ता ने इसे साफ किया और बताया कि जब भी गेंद आधी गेंद स्टंप की लाइन में दिखती है तो उसे स्टंप पर पिच माना जाता है। इस मामले में थर्ड अंपायर का फैसला सही था।