UAPA कानून
📰 भूमिका
देश की राजनीति में एक बार फिर UAPA कानून को लेकर बहस तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उमर खालिद और शरजील इमाम की लंबी हिरासत के लिए सीधे तौर पर उसे जिम्मेदार ठहराया है। ओवैसी का आरोप है कि यूपीए सरकार के दौरान UAPA में किए गए संशोधनों ने ऐसे सख्त प्रावधान जोड़े, जिनके कारण विचाराधीन कैदियों को सालों तक जेल में रहना पड़ रहा है।
🗣️ ओवैसी का कांग्रेस पर सीधा आरोप
महाराष्ट्र के धुले में एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने कहा कि:
- जब पी. चिदंबरम गृह मंत्री थे
- तब UAPA में बड़े संशोधन किए गए
- इन्हीं संशोधनों के कारण आज जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो गया है
उन्होंने स्पष्ट कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत न मिलने के पीछे वही कानूनी प्रावधान हैं, जिन पर उन्होंने सालों पहले संसद में सवाल उठाए थे।
⚖️ UAPA की ‘व्यक्तिपरक’ परिभाषा पर सवाल
ओवैसी ने UAPA की धारा 15(a) का जिक्र करते हुए इसे बेहद खतरनाक और व्यक्तिपरक बताया। उनके अनुसार इस धारा में आतंकवाद की परिभाषा इतनी व्यापक है कि:
- किसी भी विचार
- लेख
- भाषण
- या गतिविधि
को “देश की एकता, अखंडता या सुरक्षा के लिए खतरा” बताकर अपराध की श्रेणी में डाला जा सकता है।
ओवैसी ने कहा:
“कल को अरुंधति रॉय को भी उनकी लिखी बातों के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है। यह तय कौन करेगा कि क्या खतरा है और क्या नहीं?”
🏛️ संसद में पहले ही दी थी चेतावनी
AIMIM प्रमुख ने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने 2007–08 के दौरान लोकसभा में UAPA पर सवाल उठाए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि:
- कानून की भाषा अस्पष्ट है
- इसका दुरुपयोग होना तय है
- खासकर अल्पसंख्यकों के खिलाफ
ओवैसी का दावा है कि आज जो हो रहा है, वह उसी चेतावनी का नतीजा है।
⏳ धारा 43D और लंबी हिरासत का मुद्दा
ओवैसी ने UAPA की धारा 43D को सबसे ज्यादा खतरनाक बताया। इस धारा के तहत:
- चार्जशीट दाखिल करने से पहले
- 180 दिनों तक हिरासत की अनुमति है
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- अल्पसंख्यकों से जुड़े मामलों में
- इस अधिकतम अवधि का लगभग हर बार इस्तेमाल किया जाता है
उनका कहना था कि जमीनी हकीकत और कानून की मंशा में बड़ा अंतर है।
❓ कांग्रेस से ओवैसी का तीखा सवाल
ओवैसी ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा:
- क्या आज़ादी के बाद
- कांग्रेस का कोई बड़ा नेता
- एक, दो या पांच साल तक बिना जमानत जेल में रहा है?
उन्होंने आरोप लगाया कि कानून कांग्रेस ने बनाया, लेकिन उसका असर आज युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।
🔍 क्यों अहम है यह बयान?
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- UAPA पर फिर से राष्ट्रीय बहस छिड़ गई है
- विपक्ष के भीतर ही कांग्रेस पर सवाल उठ रहे हैं
- अल्पसंख्यकों और मानवाधिकारों से जुड़ा मुद्दा उभर रहा है
- न्यायिक प्रक्रिया और जमानत व्यवस्था पर गंभीर चर्चा हो रही है