पखांजूर के धीरेन मंडल ने समाजसेवा का एक अनूठा तरीका चुना है, जो साहस और सेवा दोनों का अद्भुत मिश्रण है। धीरेन अपने क्षेत्र में न केवल खतरनाक सांपों को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ते हैं, बल्कि वह लोगों को सरकारी अस्पताल में सही इलाज कराने के लिए भी जागरूक करते हैं। उनका यह मानना है कि जड़ी-बूटी से ज्यादा आधुनिक चिकित्सा ही बेहतर और सुरक्षित होती है।
धीरेन मंडल कई वर्षों से सांप पकड़ने का कार्य कर रहे हैं, और अपने अनुभव से उन्होंने इस काम को और सुरक्षित बनाने के लिए अब आधुनिक उपकरणों का भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। सांप पकड़ने की इस सेवा के अलावा, अगर किसी को सांप काट लेता है, तो धीरेन तुरंत उसे सरकारी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह देते हैं और लोगों को जड़ी-बूटी पर निर्भर न रहने का संदेश देते हैं।
धीरेन मंडल का साहस केवल सांप पकड़ने तक सीमित नहीं है। वे समाज में जागरूकता फैलाते हैं और समाजसेवा के कई अन्य कार्य भी करते हैं। उनके पास खुद की एंबुलेंस सेवा भी है, जिसके जरिए वह जरूरतमंद लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का काम करते हैं। इतना ही नहीं, धीरेन को स्वयं तीन बार जहरीले सांपों ने काटा है, लेकिन हर बार उन्होंने सरकारी अस्पताल में जाकर वैक्सीन लगवाई और स्वस्थ हुए।
धीरेन मंडल का समाज के प्रति समर्पण और सेवा का जज़्बा उन्हें एक मिसाल बनाता है। पखांजूर के लोग उनके इस योगदान का सम्मान करते हैं और उन्हें एक नायक के रूप में देखते हैं।