पाकिस्तान की सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बाद जनता के बढ़ते विरोध के मद्देनज़र पेट्रोल की कीमत में कटौती करने का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व में पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत 42.7% बढ़ाकर 485 रुपये प्रति लीटर कर दी थी, जिससे लोगों का गुस्सा भड़क उठा था। कई स्थानों पर ईंधन स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें लगीं और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। इसके बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमत को 378 रुपये प्रति लीटर कर दिया, जो कम से कम एक महीने तक लागू रहेगा।
क्या है सरकार का नया कदम?
- पेट्रोल की कीमत 485 रुपये से घटाकर 378 रुपये प्रति लीटर की गई।
- डीजल की कीमत में कोई राहत नहीं मिली, और यह 520 रुपये प्रति लीटर पर यथावत बनी रही।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जनता से कहा, “जब तक आपकी ज़िंदगी पटरी पर नहीं लौट आती, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।”
मुफ्त सार्वजनिक परिवहन की घोषणा
पेट्रोल की कीमतों में राहत के साथ सरकार ने कुछ अतिरिक्त राहत उपायों की भी घोषणा की:
- इस्लामाबाद में 30 दिनों तक सार्वजनिक परिवहन को मुफ्त कर दिया गया है।
- पंजाब में भी सरकारी परिवहन पर मुफ्त यात्रा की घोषणा की गई।
- सिंध प्रांत में मोटरसाइकिल चालकों और छोटे किसानों के लिए सब्सिडी दी जाएगी।
गृह मंत्री मोहसिन नकवी के अनुसार, इस राहत योजना पर सरकार को 350 मिलियन रुपये खर्च करने होंगे।
विरोध प्रदर्शनों का कारण
ईंधन की कीमतों में इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे।
- लाहौर में प्रदर्शनकारियों ने सरकार के फैसले की आलोचना की और इसे “पेट्रोल बम” करार दिया।
- कुछ प्रदर्शनकारियों ने IMF के दबाव को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और सरकार से इसे न मानने का आग्रह किया।
ईंधन संकट और ईरान युद्ध
पाकिस्तान में ईंधन संकट का एक प्रमुख कारण ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में होने वाले व्यवधान को बताया जा रहा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में से एक है, और यहां से गुजरने वाले जहाजी परिवहन में विघ्न के कारण ईंधन की उपलब्धता पर असर पड़ा है।
इसके अतिरिक्त, पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचत के लिए कई कदम उठाए हैं:
- चार दिन का कार्य सप्ताह लागू किया गया।
- स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ाई गईं और कुछ क्लासों को ऑनलाइन किया गया।
IMF से सहायता पैकेज
पाकिस्तान को IMF द्वारा 1.2 अरब डॉलर का वित्तीय सहायता पैकेज दिया जा रहा है। IMF ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान जैसे देशों को न केवल बढ़ती ऊर्जा लागत का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सप्लाई चेन में रुकावटों का भी सामना करना पड़ रहा है।
दूसरे एशियाई देश भी संकट में
पाकिस्तान अकेला नहीं है जो ईंधन संकट से जूझ रहा है। बांग्लादेश ने भी हाल ही में गैस और CNG की कीमतों में 29% की बढ़ोतरी की है, जिससे वहां के नागरिकों को भी महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।