पाण्डुका में हड़कंप: के.वी. लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स पर औषधि विभाग का छापा, संदिग्ध दवाओं के सैंपल रायपुर लैब भेजे

औषधि विभाग

गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र में स्थित के.वी. लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स पर औषधि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना मिलने के बाद की गई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान दो दवाओं पर संदेह जताते हुए उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं।


क्या है पूरा मामला?

  • स्थान: पाण्डुका, गरियाबंद
  • दुकान: के.वी. लक्ष्मी मेडिकल स्टोर्स
  • कार्रवाई: औचक निरीक्षण
  • दो दवाओं के नमूने जब्त

औषधि निरीक्षक धर्मवीर सिंह ध्रुव के नेतृत्व में टीम ने दुकान का विस्तृत निरीक्षण किया। संदिग्ध गुणवत्ता की आशंका के चलते दवाओं के सैंपल लेकर उन्हें औषधि जांच प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।


निरीक्षण में क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं?

प्रारंभिक जांच में कई संभावित गड़बड़ियां सामने आईं, जिनमें शामिल हैं:

  • कुछ दवाओं की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी
  • दवाओं का सही तापमान पर भंडारण नहीं
  • स्टॉक रजिस्टर और रिकॉर्ड में असंगतियां
  • नियमों के पालन में लापरवाही

हालांकि अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लिया जाएगा।


आगे क्या होगी कार्रवाई?

औषधि विभाग ने उच्च अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है। नियमों के तहत:

  • दुकान के लाइसेंस पर कार्रवाई की अनुशंसा
  • दोष सिद्ध होने पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण
  • कानूनी प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई

जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि दवाएं मानक के अनुरूप थीं या नहीं।


क्यों जरूरी है ऐसी कार्रवाई?

नकली या घटिया दवाएं मरीजों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकती हैं। ऐसे में औषधि विभाग का यह कदम कई मायनों में अहम है:

  • लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना
  • बाजार में नकली दवाओं की रोकथाम
  • दवा दुकानों में नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना
  • स्वास्थ्य व्यवस्था में विश्वास बनाए रखना

विभाग की अपील

औषधि विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी मेडिकल स्टोर में एक्सपायरी या संदिग्ध दवाएं दिखाई दें तो तुरंत सूचना दें। विभाग का कहना है कि जनता की जागरूकता से ही ऐसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।

पाण्डुका की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सबकी नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि संबंधित मेडिकल स्टोर पर आगे क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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