2 किलो विस्फोटक के साथ पार्सल बम की साजिश: प्रेमी ने प्रेमिका के पति को उड़ाने की कोशिश, पुलिस ने किया खुलासा

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, छत्तीसगढ़ के खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका के पति की हत्या की साजिश रचते हुए होम थिएटर स्पीकर में 2 किलो आईईडी (विस्फोटक) छिपाकर पार्सल भेजा। लेकिन सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने इस सनसनीखेज प्लान को नाकाम कर दिया। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पार्सल में छुपा मौत का हथियार

15 अगस्त 2025 को गंडई थाना क्षेत्र के मानपुर निवासी अफसार खान के पास एक संदिग्ध पार्सल पहुंचा। बाहर से यह बिल्कुल नया होम थिएटर स्पीकर लग रहा था, लेकिन वजन असामान्य रूप से ज्यादा और पावर पिन टूटा हुआ था। शक होने पर जब अफसार ने पैकेट खोला तो अंदर जिलेटिन की दो छड़ें और तारों से जुड़ा डेटोनेटर मिला। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर पूरा क्षेत्र सील कर दिया। जांच से सामने आया कि स्पीकर को बिजली से जोड़ते ही डेटोनेटर सक्रिय हो जाता और धमाका हो जाता।

पूर्व प्रेमी का बदला, यूट्यूब से सीखा बम बनाना

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस खतरनाक साजिश का मास्टरमाइंड विनय वर्मा (20 वर्ष), आईटीआई छात्र है। उसकी पूर्व प्रेमिका की शादी हाल ही में अफसार खान से हुई थी। इसी नाराजगी में विनय ने यूट्यूब ट्यूटोरियल देखकर आईईडी बनाना सीखा और हत्या की योजना बनाई। उसकी गूगल सर्च हिस्ट्री में “बम से किसी को बिना पकड़े कैसे मारा जाए” जैसी खतरनाक खोजें मिलीं।

गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

पुलिस ने मुख्य आरोपी विनय वर्मा सहित 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है । आरोपियों का नाम मुख्य सरगना विनय वर्मा निवासी कुसमी, खैरागढ़, परमेश्वर वर्मा निवासी चीचा, दुर्ग, गोपाल वर्मा निवासी कुसमी, खैरागढ़,घासीराम वर्मा निवासी केसला, खैरागढ़,दिलीप धीमर निवास मात्रा, दुर्ग, गोपाल खेलवार निवासी पथरिया, दुर्ग,और खिलेश वर्मा निवासी बाजार अतरिया, खैरागढ़।

छापेमारी में 60 जिलेटिन छड़ें और 2 डेटोनेटर बरामद किए गए। आरोपियों ने विस्फोटक दुर्ग की खदानों से अवैध रूप से खरीदा था। नकली इंडिया पोस्ट लोगो और पार्सल का नकली पता भी इन्हीं ने तैयार किया था।

पुलिस का खुलासा

पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा ने बताया कि यह सुनियोजित हत्या की साजिश थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, विस्फोटक अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर (क्रमांक 277/2025) दर्ज की है। साथ ही अवैध विस्फोटक आपूर्ति नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया गया है।

सवालों के घेरे में समाज

यह मामला न केवल जुर्म और जुनून की मिसाल है, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है कि प्रेम और बदले की अंधी दौड़ कैसे खतरनाक मोड़ ले सकती है। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना कई सवाल छोड़ गई है।

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