कांग्रेस कार्यकारिणी गठन में देरी पर PCC का कड़ा रुख, 15 अप्रैल तक का अल्टीमेटम

कांग्रेस कार्यकारिणी गठन

रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस की जिला अध्यक्षों और प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में हुई, जिसमें कांग्रेस संगठन की संरचना पर गंभीर चर्चा की गई। बैठक में कार्यकारिणी गठन में हो रही देरी को लेकर पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) ने कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जिलाध्यक्षों से स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यकारिणी, बूथ कमेटी और पंचायत कमेटियों का गठन निर्धारित समय सीमा तक पूरा किया जाए।

क्या है मामला?

पार्टी के कार्यकारिणी गठन में धीमी प्रक्रिया पर पीसीसी का गुस्सा सामने आया है। कांग्रेस के कई जिलों में कार्यकारिणी का गठन अब तक नहीं हो पाया है, जिससे संगठन की कार्यवाही में रुकावट आ रही है। पीसीसी ने 15 अप्रैल तक कार्यकारिणी और बूथ कमेटी का गठन पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।

मुख्य बिंदु:

  1. कार्यकारिणी गठन में देरी:
    • एआईसीसी के निर्देशानुसार केवल 31 सदस्यों की कार्यकारिणी बनाने की अनुमति मिली है, जिसके चलते कई बड़े जिलों में कार्यकारिणी का गठन मुश्किल हो रहा है।
    • बड़े विधानसभा वाले जिलों में 31 सदस्यों के साथ कार्यकारिणी बनाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है, जिससे नेताओं के बीच असंतोष बढ़ रहा है।
  2. स्थानीय नेताओं के खींचतान का असर:
    • कई जिलों में कार्यकारिणी का गठन स्थानीय नेताओं की खींचतान के कारण अटका हुआ है।
    • एआईसीसी द्वारा कार्यकारिणी गठन की संख्या 51 से घटाकर 31 कर दी गई है, जिससे कई जिलों में गठबंधन की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
  3. पीसीसी की नाराजगी:
    • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत, और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस देरी पर गहरी नाराजगी जताई और सभी जिला अध्यक्षों को 15 अप्रैल तक कार्यकारिणी और बूथ कमेटी का गठन पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है।

दीपक बैज का बयान:

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बैठक में कहा, “आज की बैठक में सभी जिला अध्यक्षों और प्रभारियों से वन-टू-वन चर्चा की गई। कार्यकारिणी और बूथ समितियों के गठन में देरी को लेकर गंभीरता से विचार किया गया। जल्द ही जिला कार्यकारिणी और ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन पूरा किया जाएगा।”

उन्होंने यह भी बताया कि विलेज कमेटियों का गठन तेजी से और बेहतर तरीके से हो रहा है, और बूथ गठन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही संगठन की आगामी रणनीति पर भी विचार किया गया है।

संघटनात्मक बदलाव के संकेत:

इस बैठक में कांग्रेस ने संगठन की संरचना को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाने की योजना बनाई है। कांग्रेस को नई जिम्मेदारियां और टारगेट्स दिए गए हैं, जिससे पार्टी के कार्यों को तेज गति से अंजाम दिया जा सके।

संक्षेप में:

कांग्रेस पार्टी ने कार्यकारिणी गठन में हो रही देरी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। 15 अप्रैल तक कार्यकारिणी और बूथ कमेटियों का गठन पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है। पीसीसी ने पार्टी की गतिविधियों को तेज करने के लिए सभी जिलाध्यक्षों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *