धान खरीदी
महासमुंद जिले में धान खरीदी को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जप्त किए गए धान का भौतिक सत्यापन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले में संचालित शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारी, राजस्व अधिकारी, विभागीय प्रमुख और ब्लॉक स्तर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
धान खरीदी और उठाव की स्थिति
जिले में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर बड़े पैमाने पर धान की खरीदी की गई है। जिला खाद्य अधिकारी के अनुसार:
- कुल खरीदी: 10,19,568 मीट्रिक टन
- 17 फरवरी तक जारी डीओ: 7,57,411 मीट्रिक टन
- अब तक उठाव: 5,11,538 मीट्रिक टन
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि जिन उपार्जन केंद्रों में डीओ के विरुद्ध उठाव लंबित है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
जप्त धान पर विशेष निर्देश
- जप्त स्टॉक का अनिवार्य भौतिक सत्यापन
- जप्ती रिकॉर्ड से मिलान
- समितियों में स्टॉक का क्रॉस वेरिफिकेशन
- किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का मिलान जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि:
- डीईसी और एल्बेंडाजोल दवा का वितरण तय समय-सारणी अनुसार हो
- स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में दवा का सेवन सुनिश्चित कराया जाए
- केवल वितरण नहीं, सेवन की पुष्टि भी अनिवार्य हो
पोषण और डेटा एंट्री पर फोकस
वजन त्यौहार के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा:
- 0 से 5 वर्ष के बच्चों का सही डेटा एंट्री हो
- पोषण स्तर का सटीक आकलन किया जाए
- आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे
कार्यालय व्यवस्था में अनुशासन
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए:
- आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली अनिवार्य
- सभी अधिकारी सुबह 10 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहें
- मंगलवार और बुधवार को कार्यालय में अनिवार्य उपस्थिति
- सभी फाइलों का मूवमेंट ई-ऑफिस के माध्यम से
विकास कार्यों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री द्वारा गढ़पुलझर, झलप, खल्लारी, सलखण्ड और दुर्गापाली में की गई घोषणाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही:
- पीएमश्री स्कूलों का नियमित निरीक्षण
- खनिज परिवहन पर सतत निगरानी
- लोक सेवा गारंटी और राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने साफ कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनहित के कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
महासमुंद प्रशासन अब हर स्तर पर निगरानी बढ़ा रहा है ताकि धान खरीदी से लेकर स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं तक, हर कार्य में जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
जिले में यह सख्ती आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।