मलबे पर नसरल्लाह की तस्वीर, बारूद का धुआं… लेबनान में नेस्तनाबूद हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर से ग्राउंड रिपोर्ट

इजरायल और ईरान के बीच मंगलवार देर शाम से सीधा युद्ध जारी है. इससे पहले इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक करके हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर को नेस्तनाबूद कर दिया था. इसी हमले में हिज्बुल्लाह चीफ नसरल्लाह भी मारा गया. उसकी मौत के बाद से हिज्बुल्लाह के साथ-साथ ईरान भी बौखलाया हुआ है. हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर पर 80 से ज़्यादा बम गिराए गए थे. हर बम पर औसतन एक टन विस्फोटक था. ये हिज्बुल्लाह पर इतिहास में सबसे बड़ा हमला था.

शुक्रवार 27 सितंबर को हिज्बुल्लाह के हेडक्वार्टर पर हुए हमले के बाद आजतक की टीम ने दक्षिण बेरूत में ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. आजतक के संवाददाता अशरफ वानी बमबारी वाले हिज्बुल्लाह मुख्यालय तक पहुंचने में कामयाबी हासिल करने वाले पहले भारतीय पत्रकार हैं, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर नष्ट हो चुकी इमारत के मलबे के पास पहुंच हासिल की. इस दौरान उन्होंने बताया कि यह वही जगह है जहां इजरायली हवाई हमले में हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह मारा गया था. जब हमला हुआ, उस समय नसरल्लाह भूमिगत था और आतंकवादी समूह के शीर्ष कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था.

हिज्बुल्लाह ने हमले के बाद पहली बार मीडिया को इस इलाके में आने की इजाजत दी है. इसके बाद बुधवार को बड़ी संख्या में पत्रकारों ने मौके पर पहुंचकर इलाके का मुआयना किया. हालांकि पिछले शुक्रवार से इस इलाके को पूरी तरह से खाली करा दिया गया है. यहां से लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया है. इजरायली हमलों की ताकत इसी बात से लगाई सकती है कि पलक झपकते ही 6 मंजिला इमारत जमींदोज हो गई. आसपास खड़ी गाड़ियां मलबे में दब गई हैं. इलाके में इस समय सिर्फ मलबा ही नजर आ रहा है. इलाके को  हमले को कई दिन बीत चुके हैं, इसके बाद भी यहां मलबे में धुंआ निकल रहा है और बारूद की बदबू अभी तक आ रही है. आशंका अभी भी बरकरार है कि कब इजरायली एयरस्ट्राइक इस इलाके पर हो जाए.

हिज्बुल्लाह ने इमारत के मलबे के ऊपर नसरल्लाह की तस्वीर लगाकर उसे शहीद बताया है. यहां अब सिर्फ हिज्बुल्लाह के लड़ाके और उनके समर्थक मौजूद हैं. वे नसरल्लाह के लिए नारे लगाते नजर आए. वहीं लेबनान बॉर्डर पर भी हिज्बुल्लाह ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है. इजरायल के आयरन डोम द्वारा रॉकेट और मिसाइल रोकने की क्षमता को देखते हुए अब हिज्बुल्लाह इजरायली सेना की उन टुकड़ियों को निशाना बना रही है जो लेबनान में घुसने की कोशिश कर रही है. इसी क्रम में बुधवार को करीब 80 रॉकेट इजरायली सेना की टुकड़ी पर दागे गए. इसमें दो इजरायली सैनिकों की मौत हुई है जबकि कई घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि ईरान की सैन्य फोर्स Islamic Revolutionary Guard Corps के रिटायर्ड कमांडर ही हिज्बुल्लाह की लड़ाई की अगुवाई कर रहे हैं. ऐसे में लेबनान में इजरायल की जमीनी लड़ाई आसान नहीं होने वाली है.
 

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